Ambedkar death anniversary : बाबा साहेब अंबेडकर की जीवनी जानें पूण्यतिथी के उपलक्ष्य पर, भीमराव अंबेडकर को किसने पढ़ाया था

भीमराव अम्बेडकर की 68 वीं पुण्यतिथि के उपलक्ष्य पर Ambedkar death anniversary के माध्यम से बाबा साहेब अंबेडकर की जीवनी तथा भीमराव अंबेडकर को किसने पढ़ाया था , के बारे में जानकारी प्राप्त करें। इस पोस्ट में बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर की जीवनी पर विस्तृत जानकारी दी गई है।

भीमराव अंबेडकर भारतीय संविधान निर्माता तथा भारतीय सामाजिक सुधारक थे। इनका जन्म 14 अप्रैल 1891 को हुआ था। बाबासाहेब दलित समाज के अग्रणी थे, तथा उन्होंने अपने जीवन में उच्च शिक्षा ग्रहण किया।

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बाबासाहेब अंबेडकर की महानता उनके आदर्शों, इंसानियत तथा सामाजिक सुधार के प्रतीक है। उनके प्रयासों से अस्पृश्यता तथा उत्पीड़न से पीड़ित लोगों के अधिकार सुरक्षित हुए हैं।

तो आइए जानते हैं  बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर की जीवनी

(1).बाबा साहेब की बचपन और शिक्षा ( Childhood of Dr Bhimrao Ambedkar Biography in hindi)

बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर का जन्म 14 अप्रैल 1891 को मध्य प्रदेश के एक अंत्योदय जाति में हुआ था। पिताजी का नाम रामजी मालोजीराव सतपाल अंबेडकर था। यह एक निगमन कर्मचारी के पद पर कार्यरत थे।

डॉक्टर अंबेडकर का बचपन बहुत ही कठिन तथा और अस्वाभाविक था, क्योंकि उनकी जाति के लोगों को सामाजिक और आर्थिक रूप से उच्च वर्गों के द्वारा निस्प्रभावित किया जाता था।

(2) बाबा साहेब की न्याय शास्त्र की पढ़ाई (study of law by Dr Bhimrao Ambedkar biography in Hindi

बाबा साहब को पढ़ाई के दौरान न्याय शास्त्र में अधिक रुचि दिखाई पड़ी। उन्होंने न्याय शास्त्र में मास्टर्स डिग्री हासिल की तथा यूनिवर्सिटी के स्नातक एवं स्नातकोत्तर के रूप में प्रशिक्षण प्राप्त किया।

बाबासाहेब अपने शिक्षा के दौरान ही सामाजिक, न्याय, समाजशास्त्र  और अर्थशास्त्र में भी अपनी गहरी रुचि को प्रकट की।

(3). बाबासाहेब द्वारा भारतीय समाज के खिलाफ आंदोलन (protest against Indian society by Doctor bhimrao Ambedkar biography in Hindi)

भीमराव अंबेडकर ने अपने जीवन के दौरान भारतीय समाज में हो रहे अन्यायों के खिलाफ आंदोलन चलाए। उन्होंने दलितों के अधिकारों की रक्षा हेतु कई संघर्ष किया तथा उन्होंने समाज में सम्मान पूर्वक जीने का अधिकार दलितों को दिलाने के लिए काफी संघर्ष किया। इनके द्वारा किए गए संघर्ष के परिणाम स्वरूप आज दलित का हालात पहले से काफी अच्छे कंडीशन में है।

(4). संविधान निर्माण (writing of constitution of Dr Bhimrao Ambedkar biography in Hindi)

भारत की आजादी के पश्चात भीमराव अंबेडकर को भारतीय संविधान के निर्माण की कमेटी का अध्यक्ष नियुक्त किया गया। उन्होंने विभिन्न सामाजिक आर्थिक तथा राजनीतिक मुद्दों को ध्यान रखते हुए एक मौलिक कागजात तैयार की जिसमें सभी नागरिकों को समान अधिकार तथा उनके अधिकारों के सुरक्षा की गारंटी भी थी।

(5). अंतरराष्ट्रीय मंच पर योगदान (contribution of Dr Bhimrao Ambedkar in international stages in Hindi)

बाबा साहेब अंबेडकर का योगदान केवल भारत में ही सीमित नहीं रहा बल्कि इनका योगदान अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी रहा है। बाबा साहब अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी एक प्रभावशाली व्यक्तित्व के रूप में बन रहे। बाबा साहब ने अंतर्देशीय मानव अधिकारों के लिए काफी संघर्ष किया तथा उन्हें प्रचलित भी किया।

(6). भारतीय संविधान के मुख्य निर्माता ( Father of Indian constitution in Hindi)

डॉक्टर बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर भारतीय संविधान के मुख्य निर्माता भी थे। उन्होंने अपनी गहरी ज्ञानवर्धक अनुभवों का सहारा लेते हुए एक संविधान तैयार किया जो, आधारभूत मूल्यों ,मूलाधारों तथा न्याय के आदान-प्रदान को सुनिश्चित करता है।

आज भी यह संविधान हमारे देश को सुचारू रूप से चलाने में कामगार है। यह संविधान एक जीवंत संविधान का स्वरूप लिया हुआ है।।

(7). भीमराव अंबेडकर की महत्वपूर्ण पुस्तक ( Bhimrao Ambedkar important books in Hindi)

 बाबा साहेब अंबेडकर ने कई महत्वपूर्ण पुस्तकों की रचना की, जो समाजशास्त्र, आर्थिक, नीति, न्याय शास्त्र तथा मनोविज्ञान के विभिन्न पहलुओं पर आधारित थी उनकी पुस्तक जनता को जागरूक करने एवं सामाजिक बदलाव की दिशा में उन्नति करने में काफी मददगार है।

(8). बाबासाहेब द्वारा किए गए सामाजिक एवं आर्थिक सुधार (improvement of Indian society by Babasaheb Bhimrao Ambedkar biography in Hindi)

बाबा साहब ने भारतीय समाज के लिए सामाजिक तथा आर्थिक सुधार के लिए कई पहलुओं पर काम किया। उन्होंने दलितों के अधिकारों के मांग की एवं उन्हें उनके न्यायाधीशों नौकरशाही तथा शिक्षा के क्षेत्र में उच्चतम स्थान दिलाने के लिए भी काफी संघर्ष किया। इनके द्वारा किए गए संघर्ष दलितों को काफी हद तक अच्छे स्तर प्राप्त करने में कामयाब रहा।

(9). वैश्विक महापुरुष के रूप में बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर (world leader baba Saheb bhimrao Ambedkar biography in Hindi)

बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर को वैश्विक महापुरुष के रूप में मान्यता प्राप्त है। उनके सोच, कर्म तथा योगदान ने समाज को सशक्त बनाने एवं सभी वर्गों के लोगों के लिए न्याय और समानता की लड़ाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनके विचारों के फल स्वरुप समाज में एकरूपता काफी हद तक आया है।

(10). भीमराव अंबेडकर की मृत्यु। ( Death of Doctor bhimrao Ambedkar in Hindi)

बाबा साहेब अंबेडकर ने 6 दिसंबर 1956 को मुंबई, महाराष्ट्र में अपनी जीवन की अंतिम सांस ली। उनकी मृत्यु पश्चात उन्हें भारत और विदेशों में गर्व से आज भी याद किया जाता है, तथा उनके द्वारा दिए गए योगदान को मान्यता दी जाती है। भारत में संविधान के पिता के नाम से संबोधित किया जाता है।

(11). बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर जयंती (साहेब अंबेडकर की जयंती प्रत्येक वर्ष 14 अप्रैल को मनाई जाती है। यह एक राष्ट्रीय अवकाश का दिन भी होता है। इस दिन भारत में विभिन्न प्रकार के कार्यक्रम भी आयोजित किए जाते हैं। इस कार्यक्रम में बाबासाहेब अंबेडकर के योगदान के महत्वता को मान्यता दी जाती है।

(12). बाबा साहेब अंबेडकर की विचारधारा ( Thoughts of doctor Babasaheb Ambedkar biography in Hindi)

बाबासाहेब अंबेडकर के विचारधारा में न्याय, समानता तथा भारतीय समाज के सभी वर्गों के लोगों के लिए स्वतंत्रता और सम्मान की मांग शामिल होती है। बाबासाहेब के विचार आज भी सामाजिक और आर्थिक सुधार के लिए मार्गदर्शन का काम करता है। उनके विचारों से लोगों को आज भी प्रेरणा प्राप्त होती है।

(13). बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर का योगदान ( contribution of bheemrav Ambedkar biography in Hindi) 

बाबासाहेब अंबेडकर ने अपने जीवन के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में अपार योगदान दिया हुआ है। उन्होंने दलितों के लिए उच्च स्तर के शिक्षा प्राप्त करने का अवसर सुनिश्चित किया एवं उन्हें सामान्य और न्याय प्राप्त करने के लिए संघर्ष किया। बाबासाहेब भारतीय संविधान के निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

(14).बाबा साहेब अंबेडकर की महत्वता ( Ambedkar struggle in Hindi)

बाबासाहेब अंबेडकर के संघर्ष का महत्व अद्वितीय एवं अविश्वसनीय है उन्होंने सामाजिक तथा आर्थिक बुराइयों के खिलाफ लड़ाई लड़ी एवं दलितों को समझ में सम्मान एवं अधिकार दिलाने के लिए अथक प्रयास किया उनके द्वारा किए गए संघर्ष ने समाज को काफी जागरूक किया तथा समानता के मार्ग पर आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित भी किया।

(15). बाबासाहेब अंबेडकर का महत्वपूर्ण विचार ( thoughts of Bhimrao Ambedkar in Hindi)

बाबासाहेब अंबेडकर का कहना था कि “मैं जितना सर ऊंचा उठाऊंगा तुम इतनी ही बार ऊंची आवाज़ उठाना”। का अर्थ यह है कि हमें सभी वर्गों के लोगों को समानता एवं न्याय के लिए मिलकर संघर्ष करना चाहिए। बाबासाहेब की यह विचार आज भी हमें आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित करता रहता है। 

आइए अब जानते हैं, कौन था भारत का एक राजा, जिसने दलित के बेटे ( अंबेडकर )को बना दिया करोड़ों लोगों का मसीहा

संविधान निर्माता बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर को वंचितों, गरीबों, दलितों एवं शोषितों का मसीहा बनाने में भारत के एक राजा की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। बड़ौदा के तत्कालीन महाराजा सायाजीराव गायकवाड़ ने अंबेडकर की उस समय सहायता की जब बाबासाहेब के सामने आगे की पढ़ाई करने का संकट खड़ा हो गया था।

महाराज के अंबेडकर के साथ हमेशा से मधुर संबंध रहे थे। बाबासाहेब अंबेडकर ने दलितों के उत्थान में बहुत बड़ा योगदान दिया। वहीं बड़ौदा के महाराजा ने अंबेडकर को उनका उद्देश्य पूरा करने में काफी मदद की।

बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर का जीवन गरीबी में बीता था। इसी के साथ उन्होंने बचपन से जाति के आधार पर हो रहे काफी भेदभाव के दंश को भी झेले थे।

बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर जब युवा थे तथा उच्च एजुकेशन के लिए विदेश जाना चाहते थे। लेकिन उनके पास पैसे नहीं थे। ऐसे में कोलंबिया यूनिवर्सिटी से पढ़ाई करने में बड़ौदा के तत्कालीन महाराजा सयाजीराव गायकवाड़ बाबासाहेब के आर्थिक सहायता की तथा उनके पढ़ाई पूरी करने में मददगार बने।

अंबेडकर वर्ष 1913 में विदेश में पढ़ाई करने के लिए बड़ौदा के महाराज सायाजीराव गायकवाड़ के पास आर्थिक मदद प्राप्त करने के लिए आवेदन भेजा ।इस आवेदन को महाराज ने स्वीकार करते हुए बाबासाहेब अंबेडकर को सालाना स्कॉलरशिप देने का निर्णय लिया।

इस प्रकार अंबेडकर का विदेश में पढ़ने का सपना साकार हुआ। इस तरह से बड़ौदा के महाराज सयाजीराव गायकवाड की सहायता से बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर अपनी पढ़ाई पूरी की तथा वंचितों, गरीबों, दलित एवं शोषितों का मसीहा बनें। 

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अंत तक पढ़ने के लिए धन्यवाद।💐💐

Ambedkar death date : भीमराव अंबेडकर की मृत्यु कब हुई थी, अंबेडकर पुण्यतिथि पर जानें ‘बाबा साहेब’ की‌ जिंदगी से जुड़ी 18 खास बातें

 

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