b. r. ambedkar education total degree in hindi : डॉक्टर भीमराव अंबेडकर के पास कितनी डिग्री थी

दोस्तों ,आज इस b. r. ambedkar education total degree in hindi पोस्ट के माध्यम से एक ऐसे महान पुरुष के बारे में जानकारी प्राप्त करेंगे, जो 32 डिग्रियां एवं नौ भाषाओं के ज्ञाता थे तथा 8 साल की पढ़ाई 2 साल 3 महीने में ही पूरी कर ली थी। इसलिए इस पोस्ट को अंत तक अवश्य पढ़ें। यह पोस्ट आपके लिए बहुत ही महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।

बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर

दोस्तों, बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर के बारे में अपने अवश्य सुना होगा, क्योंकि यह किसी पहचान के मोहताज नहीं है। भारत में शायद ही कोई ऐसा व्यक्ति हो जो संविधान के पिता एवं शोषितों का संरक्षक कहे जाने वाले बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर का नाम न जानता हो।

बाबा साहब केवल भारत में ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में भारतीय संविधान के जनक के नाम से विख्यात हैं।

बाबा साहेब अंबेडकर को भारत रत्न पुरस्कार से नवाजा गया था। हमारे देश को एक सफल लोकतंत्र बनाने में बाबा साहब की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। आजाद भारत को एक जीवंत दस्तावेज अर्थात जीवंत संविधान का निर्माण कर देशवासियों को सबसे बड़ी अनमोल संपत्ति प्रदान की है।

बाबासाहेब की कहानी न केवल मनोबल एवं दृढ़ संकल्प को मजबूती प्रदान करती है, बल्कि यह हम सब का आत्मविश्वास भी बढ़ाने का कार्य करती है।

आइए इस पोस्ट के माध्यम से बाबा साहब अंबेडकर से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त करते हैं। बाबा साहब के संघर्षों से भरा जीवन की कहानियों को सुनकर हमारे अंदर एक प्रेरणा जागृत होती है।

• बाबा साहब भीमराव अंबेडकर का जन्म 14 अप्रैल 1891 को महाराष्ट्र के सैन्य छावनी में हुआ था, जो कि अब मध्य प्रदेश में पड़ता है। अब इस नगर को डॉक्टर अंबेडकर नगर के नाम से भी जाना जाता है।

• बाबा साहब 14 साल की उम्र में ही रमाबाई के साथ विवाह रचा ली थी। हालांकि लंबी बीमारी के पश्चात मात्र 37 वर्ष की उम्र में ही 27 मई, 1935 को बाबा साहेब की पत्नी रमाबाई की मृत्यु हो गई थी।

• इसके पश्चात बाबा साहब भीमराव अंबेडकर ने सविता अंबेडकर से विवाह किया था। सविता अंबेडकर जो मुल रूप से एक ब्राह्मण परिवार से संबंधित थी। डॉ भीमराव अंबेडकर के साथ बौद्ध धर्म को अपना ली थी।

• डॉक्टर भीमराव अंबेडकर 64 विषयों में मास्टर थे, एवं 9 भाषाओं का ज्ञान प्राप्त था। जानकारी के मुताबिक बाबा साहेब के पास कुल 32 डिग्रियां थी।

• इसके अतिरिक्त बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर लगभग 21 वर्षों तक दुनिया के सभी धर्म का तुलनात्मक रूप से अध्ययन किया हुआ था।

• बाबा साहब “लंदन स्कूल ऑफ़ इकोनॉमिक्स” में केवल 2 साल 3 महीने में ही 8 साल की शिक्षा प्राप्त कर ली थी।

• बाबा साहब लंदन स्कूल ऑफ़ इकोनॉमिक्स से “डॉक्टर ऑफ साइंस” नामक एक मूल्यवान डॉक्टरेट की डिग्री प्राप्त करने वाले दुनिया के प्रथम और एकमात्र व्यक्ति हैं।

• डॉ बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर की दुनिया में सबसे ज्यादा प्रतिमाएं बनी हुई है। वर्ष 1950 में बाबा साहब की पहली प्रतिमा कोल्हापुर शहर में बनवाई गई थी। डॉक्टर भीमराव अंबेडकर ही एकमात्र ऐसे भारतीय हैं, जिनकी प्रतिमा लंदन संग्रहालय में कार्ल मार्क्स के साथ लगी हुई है।

• भारतीय तिरंगे पर अशोक चक्र को स्थापित करने का श्रेय बाबा साहब भीमराव अंबेडकर को ही जाता है।

• बाबा साहेब की पुस्तक “वेटिंग फॉर ए विजा” कोलंबिया विश्वविद्यालय में एक पाठ्यपुस्तक है।

• विश्व भर में यदि किसी भी नेता के नाम पर सबसे अधिक के गानें और किताबें लिखी गई है, तो बाबा साहब अंबेडकर के नाम पर ही है।

• दुनिया भर में बुद्ध के सभी प्रतिमाओं एवं चित्रों में महात्मा बुद्ध की आंखें बंद की हुई बनाई गई है, परंतु बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर ने बुद्ध की पहली पेंटिंग ऐसी बनवाई, जिसमें महात्मा बुद्ध की आंखें खुली हुई थी।

• बाबा साहब ने 6 दिसंबर 1956 को नई दिल्ली में सोने के दौरान ही अपने जीवन की आखिरी सांस ली। इस दिन हमारा देश एक महान सपूत को खो दिया था। यह भारत देश के लिए बहुत ही कठिन समय था।

• वर्ष 1990 में बाबा साहब भीमराव अंबेडकर को मरणोपरांत भारत के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार भारत रत्न से सम्मानित किया गया।

Read more:- • Sanvidhan kise kahate hain : संविधान किसे कहते हैं

आइए अब जानते हैं डॉक्टर भीमराव अंबेडकर की बचपन से जुड़ी कहानी

जिस बच्चे को कक्षा में बैठने से रोका गया था, वह बच्चा आगे चलकर देश का पहला कानून मंत्री बना

जातिगत भेदभाव से जूझने वाले बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर के लिए शुरुआती समय पढ़ाई के लिए बहुत ही कठिन था। कितनी मशक्कत करने के पश्चात स्कूल में एडमिशन तो हो गया था, परंतु फिर भी उन्हें कक्षा में बैठने से रोका जाता था।

वजह थी बाबा साहब का निचले जाति से संबंधित होना। भेदभाव स्कूल में सिर्फ पढ़ने लिखने तक ही सीमित नहीं हुआ करता था, बल्कि इन्हें सार्वजनिक मटके से पानी पीने के लिए भी वर्जित किया जाता था।

इस भेदभाव के कारण समाज में इन्हें हर उस चीज के करीब जाने से रोकने की भरपूर कोशिश की जाती थी, जो कुछ भी इन्हें पसंद थी।

जैसे की :-

• मंदिर जाना,

• किताबें पढ़ना।

ऐसे कई बातें उनके दिलो-दिमाग में घर कर गई थी, जो इन्हें नीच जाति के होने के वजह से सामना करना पड़ता था। यहीं से उच्च- नीच का फर्क मिटाने के लिए संघर्ष की नींव पड़ी।

अपने जीवन में आ रहे तमाम मुश्किलों का सामना करते हुए जीवन में आगे बढ़े और एक दिन बाबा साहब भीमराव अंबेडकर, जिसे कभी कक्षा में बैठने से रोका जाता था, देश का पहला कानून मंत्री बने और भारतीय संविधान के जनक के नाम से पूरे दुनिया में विख्यात हुए।

Read more:- Bhartiya sanvidhan ki visheshtaen bataiye : भारतीय संविधान की विशेषताएं नोट्स

बचपन में तांगे वाले से भेदभाव के शिकार होकर भीमराव अंबेडकर को खुद हांकना पड़ा तांगा एवं पीना पड़ा रेतीला पानी

बाबा साहब एक बार अपने भाई-बहनों के साथ रेल में सवार होकर अपने पिता से मिलने जा रहे थे। जब वह ट्रेन से उतरे तो स्टेशन मास्टर ने उन्हें अपने पास बुलाया और पूछताछ की। जैसे ही स्टेशन मास्टर को यह  बात पता चला कि बाबा साहब नीच जाति से ताल्लुक रखते हैं , तो वह पांच कदम पीछे हट गया।

इसके पश्चात आगे जाने के लिए उन्होंने तांगा लेने की बहुत कोशिश की मगर कोई भी तांगा वाला उनकी जाति के चलते उन्हें ले जाने के लिए तैयार नहीं हुआ। एक तांगा वाला तैयार तो हुआ लेकिन उसने एक शर्त रख दी की तांगा बच्चों को खुद ही हांकना पड़ेगा।

इसलिए भीमराव अम्बेडकर को खुद ही तांगे को हांक कर ले जाना पड़ा ।बीच रास्ते में तांगे वाले तो खुद उतरकर एक ढाबे पर भोजन करने चला गया, किंतु उन्हें वहां पर खाने-पीने के लिए कुछ भी देने से मना कर दिया गया।

तब बाबा साहब को अपनी प्यास बुझाने के लिए वहां पास में बह रही रेतीली धारा से पानी पीकर अपनी प्यास बुझानी पड़ी।

बाबा साहब भीमराव अंबेडकर के दिलो- दिमाग में यह छवि बेहद तीखा घाव बना दिया। वह समझ गए की इस भयंकर छुआछूत की दीवार को गिराने के लिए शिक्षा की चोट करनी बहुत ही आवश्यक है ।

इसलिए उन्होंने मुंबई से मैट्रिकुलेशन की और फिर वजीफा पाकर BA पास किया । छात्रवृत्ति के दम पर ही बाबा साहब अमेरिका एवं फिर लंदन में पढ़ने चले गए।

उनकी एकेडमिक उपलब्धियों के चलते उन्होंने अंग्रेजों का ध्यान अपनी तरफ आकर्षित किया और आगे चलकर देश की राजनीति को पूरी तरह से बदल कर रख दिया।

आज उनकी ही देन है कि हमारे देश के जो भाई-बहन कभी छुआ- छूत के दलदल में जकड़ें हुए थे। जिसके साथ भयंकर दुर्व्यवहार किए जाते थे। हर पल, हर समय, हर जगह भेद-भाव, ऊंच- नीच का सामना करना पड़ता था।

आज वह भाई- बहन भी हमारे देश में कहीं भी आ जा सकते हैं। पढ़ाई पूरी कर सकते हैं, और अपने सपनों को साकार भी कर रहे हैं।

Read more:- bhimrao ramji ambedkar history hindi : डॉ भीमराव अंबेडकर की मृत्यु किसने की थी

FAQ:- पोस्ट से संबंधित महत्वपूर्ण प्रश्न- उत्तर

(1).भीमराव अंबेडकर कौन थे?

उत्तर:- बाबा साहब भीमराव अंबेडकर का जन्म 14 अप्रैल 1891 को महाराष्ट्र के सैन्य छावनी में हुआ था, जो कि अब मध्य प्रदेश में पड़ता है। यह अपने माता-पिता के 14 में संतान थे बाबा साहब भारत के पहले कानून मंत्री बने थे एवं भारतीय संविधान के जनक के रूप में आज पूरे विश्व में विख्यात है।

(2).भीमराव अंबेडकर की मृत्यु कब और कैसे हुई?

उत्तर:-बाबा साहब भीमराव अंबेडकर को डायबिटीज, ब्लड प्रेशर, न्यू राइट्स एवं अर्थराइटिस जैसी भयंकर बीमारियों ने ग्रसित कर ली थी। डायबिटीज की वजह से बाबा साहब काफी कमजोर हो गए थे एवं गठिया की वजह से वह दर्द से काफी परेशान रहा करते थे।इसी दौरान 6 दिसंबर वर्ष 1956 को दिल्ली स्थित आवास पर नींद के दौरान ही बाबा साहब की मृत्यु हो गई थी। 

(3).भीमराव अंबेडकर की कितनी पत्नियां थी?

उत्तर:- डॉ भीमराव अंबेडकर की दो शादियां हुई थी। पहली पत्नी का नाम रमाबाई अंबेडकर एवं दूसरी पत्नी का नाम सविता अंबेडकर था। बाबा साहब के पांच पुत्र हुए थे, परंतु चार पुत्रों की मृत्यु बचपन में ही हो गई थी। एक पुत्र जीवित हैं, जिसका नाम यशवंत अंबेडकर है।

(4).डॉक्टर भीमराव अंबेडकर का जन्म कहां हुआ था?

उत्तर:- बाबा साहब भीमराव अंबेडकर का जन्म 14 अप्रैल 1891 को महाराष्ट्र के सैन्य छावनी में हुआ था, जो कि अब मध्य प्रदेश में पड़ता है। अब इस नगर को डॉक्टर अंबेडकर नगर के नाम से भी जाना जाता है।

( 5).भीमराव अंबेडकर की दूसरी पत्नी का नाम क्या था?

उत्तर:- दूसरी पत्नी का नाम सविता अंबेडकर था। बाबा साहब के पांच पुत्र हुए थे, परंतु चार पुत्रों की मृत्यु बचपन में ही हो गई थी। एक पुत्र जीवित हैं, जिसका नाम यशवंत अंबेडकर है।

(6).भीमराव अंबेडकर के पिता का नाम?

उत्तर:- बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर का जन्म 14 अप्रैल 1891 को मध्य प्रदेश के एक छोटे से गांव महू में हुआ था। भीमराव अंबेडकर के माता का नाम भीमा बाई एवं पिता का नाम रामजी मालोजीराव सकपाल था।इसलिए बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर का शुरुआती सरनेम सकपाल हुआ करता था। महार जाति से ताल्लुक रखने की वजह से लोग इन्हें निचली जाति का मानते थे।

(7).डॉ अंबेडकर को कोलंबिया विश्वविद्यालय, अमेरिका पढ़ने किसने भेजा?

उत्तर:- बाबा साहब अंबेडकर जब एजुकेशन के लिए विदेश जाना चाहते थे, परंतु उनके पास पैसे नहीं थे। ऐसे में कोलंबिया यूनिवर्सिटी से पढ़ाई करने में बड़ौदा के तत्कालीन महाराजा सयाजीराव गायकवाड तृतीया के द्वारा आर्थिक मदद ली। बाबा साहब सयाजीराव गायकवाड के आर्थिक सहायता के माध्यम से अपनी पढ़ाई पूरी की।

(8).भीमराव अंबेडकर के कितने भाई थे?

उत्तर:- बाबा साहब भीमराव अंबेडकर अपने माता-पिता के 14 वीं संतान थे। माता-पिता के 14 संतानों में से 7 की मृत्यु हो गई थी एवं साथ जीवन थे। इसलिए डॉ भीमराव अंबेडकर के केवल दो भाई एवं चार बहने थीं।

(9).अंबेडकर की मृत्यु कैसे हुई?

उत्तर:- बाबा साहब भीमराव अंबेडकर को डायबिटीज, ब्लड प्रेशर, न्यू राइट्स एवं अर्थराइटिस जैसी भयंकर बीमारियों ने ग्रसित कर ली थी। डायबिटीज की वजह से बाबा साहब काफी कमजोर हो गए थे एवं गठिया की वजह से वह दर्द से काफी परेशान रहा करते थे।इसी दौरान 6 दिसंबर वर्ष 1956 को दिल्ली स्थित आवास पर नींद के दौरान ही बाबा साहब की मृत्यु हो गई थी। 

(10).भीमराव अंबेडकर को किसने पढ़ाया था? बताइए।

उत्तर – अंबेडकर ने अपनी स्नातक की पढ़ाई एलफिंस्टन कॉलेज मुंबई से पूरी की थी। इसके लिए उन्हें बड़ौदा के महामहिम सयाजीराव गायकवाड़ से छात्रवृत्ति प्राप्त हुई थी। छात्रवृत्ति के सहायता से ही बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर अपनी पढ़ाई पूरी की थी।स्नातक पूरी करने के पश्चात अनुबंध के अनुसार उन्हें बड़ौदा संस्थान में शामिल होना पड़ा था। जब बाबा साहब बड़ौदा में थे तभी उनके पिताजी की मौत हो गई थी।

Read more:- dr babasaheb ambedkar : डॉक्टर भीमराव अंबेडकर की बचपन की कहानी

दोस्तों, उम्मीद है कि यह b. r. ambedkar education total degree in hindi पोस्ट आपको अच्छी लगी होगी। ऐसी ही और जानकारी प्राप्त करने के लिए इस वेबसाइट को सब्सक्राइब करें तथा टेलीग्राम ग्रुप को भी ज्वाइन कर लें। इस पोस्ट को अपने दोस्तों के साथ सोशल मीडिया के जरिए अवश्य शेयर करें ताकि उन्हें भी इस प्रकार की जानकारियां प्राप्त हो सके ।

Read more:- Ambedkar death anniversary : बाबा साहेब अंबेडकर की जीवनी जानें पूण्यतिथी के उपलक्ष्य पर, भीमराव अंबेडकर को किसने पढ़ाया था

अंत तक पढ़ने के लिए धन्यवाद।💐💐

Read more:- babasaheb ambedkar : भीमराव अंबेडकर की मृत्यु कब और कैसे हुई

 

Leave a Reply

Discover more from teckhappylife.com

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading