Bharat ka sanvidhan banane mein kitna samay laga : भारत का संविधान कितने दिन में बना

दोस्तों, यह तो हम सभी जानते हैं कि किसी भी देश की शासन व्यवस्था को यदि सुचारू रूप से चलाना है तो एक संविधान का होना आवश्यक होता है। जब भी संविधान की बात की जाती है तो वह कई सारे प्रश्न उभरते हैं। जैसे भारत का संविधान का निर्माण कैसे हुआ? कौन बनाया  ? Bharat ka sanvidhan banane mein kitna samay laga?  एवं भारत का संविधान का निर्माण कब हुआ।

 तो आइए आज इस पोस्ट के माध्यम से भारतीय संविधान  से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां हासिल करते हैं।

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भारत देश का संविधान 26 जनवरी 1950 को संपूर्ण रूप से भारत पर लागू हो गया था एवं इस दिन हमारा देश एक संविधान व लोकतांत्रिक राष्ट्र बन गया था। तब से प्रत्येक वर्ष 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के रूप में मनाया जाता है।

भारत का संविधान विश्व का सबसे बड़ा और पुराना लोकतंत्र संविधान है। भारतीय संविधान में जितने विविधताएं देखने को मिलते हैं, उतनी विविधताएं दुनिया के किसी और संविधान में नहीं है।

हमारे देश के संविधान को सबसे बड़ा और लिखित संविधान होने का गौरव प्राप्त है। आज भी भारतीय संविधान के लिखित मूल प्रति को सुरक्षित रखा गया है।

हमारे देश के संविधान का मूल प्रति कागज पर हाथ से लिखा गया है, जो आज भी सुरक्षित रूप में मौजूद है। हमारे संविधान ने भारत के प्रत्येक नागरिक के लिए उनके अधिकार और कर्तव्य कर्तव्यों को निर्धारित किया हुआ है।

आजादी के लगभग 3 वर्ष बाद भारत का संविधान पूर्ण रूप से लागू हो गया था।

तो आइए अब जानते हैं की भारत के संविधान को कैसे और किसने तैयार किया? संविधान निर्माण करने में कितना समय लगा?

भारतीय संविधान का निर्माण कैसे हुआ

वर्ष 1950 से पूर्व तक देश में भारत सरकार अधिनियम एक्ट 1935 लागू था, जिसे 26 जनवरी 1950 को हटाकर भारतीय संविधान को लागू कर दिया गया।

हालांकि देश की आजादी से पहले ही संविधान के निर्माण की तैयारी शुरू हो चुकी थी। कैबिनेट मिशन के तहत 9 दिसंबर 1946 को संविधान के निर्माण की पहली बैठक की गई थी।

वहीं आजादी के बाद 29 अगस्त 1947 को संविधान सभा के द्वारा संविधान का मसौदा तैयार करने हेतु ड्राफ्टिंग कमेटी का गठन किया गया ,जिसका अध्यक्ष बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर थे।

इस कमेटी में बाबासाहेब के अतिरिक्त 6 सदस्य और थे। संविधान का मसौदा तैयार करने में बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर और इस कमेटी के अन्य 6 सदस्यों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है।

संविधान सभा

संविधान का मसौदा तैयार करने वाले प्रारूप समिति या ड्राफ्टिंग कमेटी के अन्य 6 सदस्यों के नाम निम्नलिखित हैं:- 

• डॉक्टर के एम मुंसी,

•  एन गोपाल स्वामी आयंगर,

• अल्लादी कृष्णा स्वामी अय्यर,

• सैयद मोहम्मद सादुल्लाह,

• एन माधव राव ,

• टीटी कृष्णमाचारी

संविधान सभा के कुल सदस्य

संविधान सभा के कुल सदस्य 389 थे, जिनमें से 15 महिलाएं थी। संविधान की प्रारूप समिति के अध्यक्ष भीमराव अंबेडकर थे।

भीमराव अंबेडकर ने अल्पसंख्यकों के अधिकारों के विषय में संबंधित अनुच्छेदों पर बहस के दौरान अपना नजरिया सभी के समक्ष रखा। बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर संविधान निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

भारत का संविधान बनाने में कितना समय लगा

भारत के संविधान बनाने में 2 साल 11 महीने  18 दिन  लगा था। संविधान पर 15 महिलाओं सहित 284 सदस्यों के द्वारा हस्ताक्षर किया गया है। इस दौरान कई बार संविधान का मसौदा पेश किया गया था।

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संविधान का पहला मसौदा

प्रारूप समिति ने संविधान का पहला मसौदा फरवरी 1948 में प्रकाशित किया। इस पर चर्चा के लिए 8 महीने का समय निश्चित किया गया था। मसौदे पर टिप्पणी ,आलोचनाएं एवं सुझाव दिए गए ।

इसके पश्चात ड्राफ्टिंग कमिटी ने दूसरा मसौदा पुनः तैयार किया एवं दूसरा मसूदा अक्टूबर 1948 में ड्राफ्टिंग कमेटी के द्वारा प्रकाशित किया गया।

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संविधान का अंतिम मसौदा

भारतीय संविधान का अंतिम मसौदा बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर ने 4 नवंबर 1948 को संविधान सभा में पेश किए थे। इस दौरान संविधान की धाराओं पर विचार विमर्श किया गया था।

इसके पश्चात 26 नवंबर 1949 को संविधान सभा में भारत का संविधान पारित हो गया एवं दो महीने बाद 26 जनवरी 1950 को संपूर्ण रूप से पूरे भारत पर संविधान लागू हो गया।

इसे लागू करने के लिए दो महीने का समय इसलिए लिया गया था, क्योंकि 26 जनवरी 1930 को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने भारत को पूर्ण स्वराज घोषित किया था।

इस स्मृति को संजोय रखने के लिए 26 नवंबर 1949 को संविधान लागू न कर दो महीने का इंतजार किया गया एवं 26 जनवरी 1950 को भारतीय संविधान को पूर्ण रूप से लागू किया गया।

भारतीय संविधान की प्रस्तावना

भारत के संविधान की प्रस्तावना में संविधान के उद्देश्य वर्णित किए गए हैं। जब भी विभिन्न धाराओं के बीच न्यायाधीश को कोई फैसला लेने में परेशानी होती है, तो संविधान की प्रस्तावना मार्गदर्शन का कार्य करती है।

भारतीय संविधान की प्रस्तावना अमेरिकी संविधान से प्रेरित है। इसके अतिरिक्त संविधान में एक उद्देशिका 395 अनुच्छेद एवं आठ अनुसूचियां शामिल है।

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अंत तक पढ़ने के लिए धन्यवाद।💐💐

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