भारत का संविधान किसने लिखा और कितने दिनों में लिखा

दोस्तों, आपको जानकारी होगी कि किसी भी देश को सुचारू रूप से चलाने के लिए नियम-कानून का होना बहुत ही आवश्यक होता है। इस नियम-कानून के दस्तावेज को संविधान के नाम से जाना जाता है। तो दोस्तो भारत का नागरिक होने के नाते हमें भारत का संविधान किसने लिखा और कितने दिनों में लिखा के बारे में जानकारी अवश्य होनी चाहिए।

तो आइए इस भारत का संविधान किसने लिखा और कितने दिनों में लिखा पोस्ट के माध्यम से हम यह जानने की कोशिश करते हैं कि हमारे देश का संविधान कब, किसके द्वारा और कितने समय में लिखा गया है?

भारतीय संविधान के सुलेखन से संबंधित तथ्य

• प्रेम बिहारी नारायण राय ज्यादा एक सुलेखक थे, जो दिल्ली के रहने वाले थे। इन्होंने भारत के संविधान को इटैलिक शैली में अपने हाथों से लिखा था।

• भारतीय संविधान के मूल संस्करण को नंदलाल बोस एवं राम मनोहर सिंह सहित ‘शांतिनिकेतन’ के कलाकारों द्वारा सुशोभित और सुसज्जित किया गया था।

• वहीं यदि बात की जाए मूल संविधान के हिंदी संस्करण का सुलेखन की तो बसंत कृष्णन वैद्य द्वारा किया गया था एवं नंदलाल बोस द्वारा सुरुचि पूर्ण ढंग से सजाया गया था।

• हस्तलिखित इस संविधान पर 24 जनवरी 1950 को संविधान सभा के 284 सदस्यों के द्वारा हस्ताक्षर किए गए थे।

• हाथ से लिखी गई भारतीय संविधान की मूल प्रति आज भी हमारे देश में सुरक्षित है।

• यह हस्तलिखित संविधान की मूल प्रति हमारे देश की राजधानी नई दिल्ली के नेशनल म्यूजियम में सुरक्षित है, जिसे संविधान लागू होने के कई वर्षों के पश्चात भी लोग देख सकते हैं।

भारतीय संविधान की पहली कॉपी की छपाई

• हमारे देश का संविधान विश्व का सबसे बड़ा और लिखित संविधान है। लेकिन क्या आपको जानकारी है कि जिस संविधान पर दुनिया का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश टिका हुआ है, उसकी पहली कॉपी कहां पर छापी गई थी?

• यदि इसके बारे में जानकारी नहीं है, तो मैं आपको बता दूं कि भारतीय संविधान की पहली कॉपी की छपाई उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में की गई थी।

• उस समय देहरादून के सर्वे आफ इंडिया की प्रेस में भारतीय संविधान की पहली कॉपी छापी गई थी।

• उस समय संविधान की कुल 1000 प्रतियां छापी गई थी।

• आज भी शहर के सर्वे आफ इंडिया के म्यूजियम में भारतीय संविधान की पहली कॉपी सुरक्षित रखी हुई है।

भारत के संविधान का निर्माण होने की प्रक्रिया

हमारे देश का संविधान बनाने के लिए एक संविधान सभा का गठन किया गया था। इस संविधान सभा ने 9 दिसंबर 1946 से भारतीय संविधान का निर्माण करने का कार्य शुरू किया।

इस सभा में उस समय कुल 389 सदस्य थे, लेकिन देश के विभाजन होने के पश्चात सदस्यों की संख्या घटकर मात्र 299 रह गई।

वहीं इस संविधान सभा की अध्यक्ष डॉ राजेंद्र प्रसाद को चुना गया।जबकि संविधान की मसौदा या प्रारूप तैयार करने वाले प्रारूप समिति का अध्यक्ष के रूप में डॉक्टर भीमराव अंबेडकर का चुनाव किया गया।

भारतीय संविधान का निर्माण करने में बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर का उल्लेखनीय योगदान रहा है। यही कारण है कि भीमराव अंबेडकर को भारतीय संविधान निर्माता के नाम से या भारत के संविधान के जनक के रूप में भी जाना जाता है।

इस संविधान सभा के द्वारा विश्व के लगभग 60 देश के संविधानों को पढ़ा गया एवं उसमें निहित महत्वपूर्ण बातों को अपने देश के परिस्थितियों के अनुकूल परिवर्तित कर भारतीय संविधान में सम्मिलित किया गया।

इसलिए कहा जाता है कि भारत का संविधान का निर्माण विश्व के सभी संविधानों को छानने के पश्चात किया गया है।

संविधान सभा द्वारा भारतीय संविधान को 2 साल 11 महीने 18 दिन में तैयार किया गया।

संविधान सभा द्वारा भारतीय संविधान को 2 साल 11 महीने 18 दिन में बनाकर 24 नवंबर 1949 को तैयार एवं अंगीकृत किया गया। इस संविधान को 26 जनवरी 1950 को संपूर्ण भारत पर पूरी तरह से लागू कर दिया गया था।

भारतीय संविधान 

• हमारे देश के संविधान में सरकार का संसदीय स्वरूप का प्रावधान एवं संघीय व्यवस्था की गई है।

•  कई ऐसे प्रावधान किए गए हैं, जो हमारे देश के संविधान को एकात्मक व्यवस्था की ओर झुकाव दिखाता है।

• इसलिए यह कहना उचित होगा कि हमारे देश का संविधान एक जीवंत दस्तावेज का स्वरूप धारण किया हुआ है, जो की परिस्थितियों के अनुसार अपना स्वरूप परिवर्तित करते रहता है।

• हमारे देश के संविधान में संघीय और एकात्मक दोनों स्वरूपों का मिला-जुला रूप है।

उपरोक्त जानकारी के अतिरिक्त कुछ और भी ऐसे तथ्य हैं, जिनके बारे में हम सभी को जानना चाहिए।

• संविधान सभा ने संविधान के निर्माण के लिए कई समितियों का गठन किया था, जिसमें से प्रारूप समिति सबसे महत्वपूर्ण समिति थी।

• प्रारूप समिति का कार्य भारत के संविधान का प्रारूप तैयार करना था।

• प्रारूप समिति को ड्राफ्ट कमेटी के नाम से भी जाना जाता था। इस समिति का गठन 29 अगस्त 1947 को संविधान सभा द्वारा किया गया था।

• इस समिति के अध्यक्ष डॉ भीमराव अंबेडकर थे एवं इस समिति एक अध्यक्ष और 6 अन्य सदस्य थे।

अन्य 6 सदस्यों का नाम इस प्रकार है:- 

• एन गोपालस्वामी आयंगर,

• अल्लादी कृष्णास्वामी अय्यर,

• डॉक्टर के. एम. मुंशी.

• सैयद मोहम्मद सादुल्लाह,

• एन माधवराव ,

• टी.टी. कृष्णमाचारी

FAQ :- पोस्ट से संबंधित महत्वपूर्ण प्रश्न-उत्तर

(1). भारत का संविधान कब और किसने लिखा?

उत्तर:- हमारे देश का संविधान देश के आजाद होने से कई वर्ष पूर्व से ही बनना प्रारंभ हो गया था। वर्ष 1928 में मोतीलाल नेहरू एवं अन्य आठ कांग्रेस नेताओं के द्वारा भारत के लिए एक संविधान का प्रारूप तैयार किया गया था ।13 दिसंबर 1946 को जवाहरलाल नेहरू ने संविधान सभा में संविधान की नींव के रूप में संविधान का एक पूरा खाका तैयार किया गया था, जिसे उद्देश्य प्रस्ताव के नाम से भी जाना जाता है।

(2). भारत का संविधान किसने लिखा और कितने दिनों में लिखा?

उत्तर:-भारत का संविधान, संविधान सभा द्वारा 2 वर्ष 11 महीने 18 दिनों मे तैयार किया गया। इस संविधान का सुलेखन का काम दिल्ली के रहने वाले प्रेम बिहारी नारायण राय ज्यादा के द्वारा किया गया था।

(3). सबसे बड़ा संविधान किस देश का है?

उत्तर:- भारत का संविधान विश्व का सबसे लंबा और लिखित संविधान है। इस संविधान को जीवंत संविधान भी कहा जाता है। क्योंकि हमारे देश का संविधान परिस्थितियों के अनुकूल परिवर्तित होने की क्षमता रखता है।

(4). भारतीय संविधान सभा में कितने लोग थे?

उत्तर:- भारतीय संविधान लिखने वाली संविधान सभा में कुल सदस्यों की संख्या 299 थी। इसने 26 नवंबर 1949 को संविधान बनाने का काम पूरा कर लिया। 26 जनवरी 1950 को संविधान सभा द्वारा बनाए गए संविधान संपूर्ण भारत पर संपूर्ण रूप से प्रभावी हो गया था।

(5). हमारे देश के संविधान बनाने में लगभग कितना खर्च हुआ?

उत्तर:- हमारे देश के संविधान बनाने में लगभग 64 लख रुपए का खर्च हुआ था।

दोस्तों, उम्मीद है कि इस भारत का संविधान किसने लिखा और कितने दिनों में लिखा पोस्ट में दी गई जानकारियां पढ़कर आपको अच्छी लगी होगी। ऐसी ही और जानकारी हासिल करने के लिए इस वेबसाइट को सब्सक्राइब करें तथा टेलीग्राम ग्रुप में भी ज्वाइन हो जाएं।इस पोस्ट को अपने दोस्तों के साथ भी अवश्य शेयर करें, ताकि उन्हें भी इस पोस्ट का लाभ प्राप्त हो सके।

अंत तक पढ़ने के लिए धन्यवाद।💐💐

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