Bharat ke sabse pahle pradhanmantri kaun the : भारत के प्रथम प्रधानमंत्री कौन थे नाम बताइए

दोस्तों, आपको जानकारी होगी कि भारत देश गुलामी के जंजीरों में लगभग 200 वर्षों तक बंधा हुआ था। हमारे देश के वीर सपूतों के संघर्षों एवं बलिदानों के फलस्वरुप 15 अगस्त 1947 को भारत गुलामी के जंजीरों से बाहर निकाला। इसके पश्चात एक राजनीतिक व्यवस्था एवं संविधान का निर्माण किया गया। इस Bharat ke sabse pahle pradhanmantri kaun the  पोस्ट के माध्यम से आप जानेंगे कि भारत की आजादी मिलने के पश्चात प्रथम प्रधानमंत्री के पद पर कौन आसीन हुए थे। इसलिए इस पोस्ट को अंत तक अवश्य पढ़े।

First Prime Minister of India 

दोस्तों ,भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू थे। पंडित जवाहरलाल नेहरू ही भारत के प्रधानमंत्री पद पर सबसे लंबे समय तक विराजमान रहे। 

भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू (15/08/1947- 27/05/1964)

भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू का जन्म 14 नवंबर 1889 को इलाहाबाद में हुआ था। इन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा अपने घर पर ही निजी शिक्षकों के माध्यम से प्राप्त की थी।

15 साल के ही उम्र में जवाहरलाल नेहरू इंग्लैंड चले गए थे । 2 साल रहने के पश्चात उन्होंने कैंब्रिज विश्वविद्यालय में प्रवेश लिया, जहां से प्राकृतिक विज्ञान में स्नातक की डिग्री प्राप्त किया।

सन 1912 में भारत लौटने के पश्चात सीधे भारतीय राजनीति से जुड़ गए। यहां तक की वह छात्र जीवन के दौरान भी विदेशी हुकूमत के अधीन देश के स्वतंत्रता संघर्ष में रुचि रखते थे ।

जवाहरलाल नेहरू आयरलैंड में हुए सिनफेन आंदोलन में गहरी रुचि ली थी। जवाहरलाल नेहरू को भारत के स्वतंत्रता संग्राम में अनिवार्य रूप से शामिल होना पड़ गया था।

सन 1912 में जवाहरलाल नेहरू एक प्रतिनिधि के रूप में बांक़ीपुर सम्मेलन में भाग लिए। 1919 में इलाहाबाद के होमरूल लीग के सचिव बन गए। सन 1916 में जवाहरलाल नेहरू महात्मा गांधी से पहली बार मिले जिनसे काफी अधिक प्रेरित हुए।

नेहरू 1920 में उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले में पहले मार्च का आयोजन किया। 1920-22 के दौरान भारत में असहयोग आंदोलन चल रहा था। इस दौरान जवाहरलाल नेहरू दो बार जेल गए।

पंडित जवाहरलाल नेहरू सितंबर 1923 में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव बने थे। उन्होंने 1926 में इटली स्वीटजरलैंड बेल्जियम इंग्लैंड जर्मनी एवं रूस का दौरा किया।

बेल्जियम में जवाहरलाल नेहरू भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के एक आधिकारिक प्रतिनिधि के रूप में ब्रसेल्स में दिन देश के सम्मेलन में सम्मिलित हुए। नेहरू 1927 में मास्को में अक्टूबर समाजवादी क्रांति की दसवीं वर्षगांठ समारोह में भी भाग लिए थे।

इससे पूर्व सन 1926 में मद्रास कांग्रेस में कांग्रेस को आजादी के लक्ष्य के लिए प्रतिबंधित करने हेतु नेहरू की एक महत्वपूर्ण भूमिका दिखाई पड़ती है। सन 1928 में लखनऊ में साइमन कमीशन के खिलाफ एक जुलूस का नेतृत्व करते हुए जवाहरलाल नेहरू पर लाठी चार्ज हुआ था।

29 अगस्त 1928 को नेहरू सर्वदलीय सम्मेलन में भाग लिए एवं वे उन लोगों में से एक थे, जिन्होंने भारतीय संविधान एक सुधार की नेहरू रिपोर्ट पर हस्ताक्षर किए थे।

नेहरू रिपोर्ट का नाम उनके पिता मोतीलाल नेहरू के नाम पर रखा गया था। इस वर्ष जवाहरलाल नेहरू भारतीय स्वतंत्रता लीग की स्थापना की एवं इसके महासचिव बने थे। इस लीग का मूल उद्देश्य भारत को ब्रिटिश साम्राज्य से पूरी तरह से अलग कर देना था।

वर्ष 1929 में जवाहरलाल नेहरू भारतीय राष्ट्रीय सम्मेलन के लाहौर सत्र के अध्यक्ष निर्वाचित हुए थे, जिसका मुख्य लक्ष्य देश के लिए पूर्ण स्वतंत्रता प्राप्त करना था।

वे 1930 से 35 के दौरान नमक सत्याग्रह एवं कांग्रेस के अन्य आंदोलन के कारण कई बार जेल गए थे। 14 फरवरी 1935 को अल्मोड़ा जेल में अपनी आत्मकथा का लेखन कार्य पूर्ण किया था।

रिहाई के पश्चात हुए अपनी बीमार पत्नी को देखने के लिए स्विट्जरलैंड गए एवं उन्होंने फरवरी मार्च 1936 में लंदन का दौरा किये।

नेहरू जुलाई 1938 में स्पेन का भी दौरा किया, जब वहां पर गृह युद्ध चल रहा था। द्वितीय विश्व युद्ध शुरू होने से कुछ समय पूर्व में चीन के दौरे पर भी गए थे।

पंडित जवाहरलाल नेहरू ने भारत को युद्ध में भाग लेने के लिए मजबूर करने का विरोध करते हुए व्यक्तिगत सत्याग्रह किए थे।इसके कारण जवाहरलाल नेहरू को 31 अक्टूबर 1940 को गिरफ्तार कर लिया गया था। उन्हें दिसंबर 1941 में अन्य नेताओं के साथ जेल से मुक्त कर दिया गया था।

7 अगस्त 1942 को मुंबई में हुई अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की बैठक में जवाहरलाल नेहरू ने ऐतिहासिक संकल्प भारत छोड़ो को कार्यान्वित करने का लक्ष्य निर्धारित किया था। 

8 अगस्त 1942 को नेहरू अन्य नेताओं के साथ गिरफ्तार कर अहमदनगर किला में ले जाया गया। यह अंतिम मौका था जब उन्हें जेल में जाना पड़ा एवं इसी समय उन्हें सबसे लंबे समय तक जेल में समय बिताना पड़ा था।

अपने पूर्व जीवन में पंडित जवाहरलाल नेहरू कुल 9 बार जेल गए। जनवरी 1945 में अपने रिहाई के पश्चात उन्होंने राजद्रोह का आरोप जेल में रहे तीन अधिकारियों और व्यक्तियों का कानूनी बचाव किया। 

मार्च 1946 में पंडित नेहरू ने दक्षिण पूर्व एशिया का दौरा किया। 6 जुलाई 1946 को नेहरू चौथी बार कांग्रेस के अध्यक्ष पद के लिए चुने गए और फिर 1951 से 1954 तक तीन और बार वे इस पद के लिए चुने गए थे।

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भारत के प्रधान मंत्रियों की सूची

भारत के प्रधानमंत्री लोकसभा में बहुमत प्राप्त दल के नेता होते हैं। भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू थे। वर्ष 1947 से 2023 तक भारत ने 15 प्रधानमंत्री देख चुके हैं। 

आइए जानते हैं कि अब तक भारत में कौन-कौन से लोग प्रधानमंत्री पद पर रह चुके हैं? और उन्होंने कितने दिनों तक शासन संभाला है?

भारत के सभी प्रधान मंत्रियों की सूची ( List of all Prime Minister of India 1947-2023)

(1). पंडित जवाहरलाल नेहरू :- 15 अगस्त 1947 से 27 मई 1964 तक (भारत के पहले प्रधानमंत्री एवं सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री के पद पर रहने वाले व्यक्ति)

(2). गुलजारी लाल नंदा :- 27 मई 1964 से 9 जून 1964 तक (पहले कार्यवाहक प्रधानमंत्री एवं सबसे कम समय तक प्रधानमंत्री रहने वाले व्यक्ति)

(3). लाल बहादुर शास्त्री :- 9 जून 1964 से 11 जनवरी 1966 तक ( 1965 में हुए भारत-पाकिस्तान युद्ध के समय लाल बहादुर शास्त्री ने जय जवान जय किसान का नारा दिया था)

(2). गुलजारी लाल नंदा :– 11 जनवरी 1966 से 24 जनवरी 1966 तक का (सबसे कम समय तक रहने वाले प्रधानमंत्री)

(4). इंदिरा गांधी :- 24 जनवरी 1966 से 24 मार्च 1977 ( भारत की प्रथम महिला प्रधानमंत्री)

(5). मोरारजी देसाई :- 24 मार्च 1977 से 28 जुलाई 1979 

(6). चरण सिंह:- 28 जुलाई 1979 से 14 जनवरी 1980 ( ऐसे प्रधानमंत्री जिन्होंने संसद का सामना एक दिन भी नहीं किया था)

(4). इंदिरा गांधी :- 14 जनवरी 1980 से 31 अक्टूबर 1984 तक (प्रधानमंत्री का पद दूसरी बार संभालने वाली पहली महिला प्रधानमंत्री)

(8). राजीव गांधी:- 31 अक्टूबर 1984 से 2 दिसंबर 1989 (सबसे युवा प्रधानमंत्री)

(9). विश्व नाथ प्रताप सिंह :– दिसंबर 1989 से 10 नवंबर 1990 तक ( पहले प्रधानमंत्री जिन्होंने अविश्वास प्रस्ताव पास होने से पद छोड़ दिया था )

(10). चंद्रशेखर :- 10 नवंबर 1990 से 21 जून 1991 (समाजवादी जनता पार्टी से संबंधित)

(11). पी.वी नरसिम्हा राव :- 21 जून 1991 से 16 मई 1996 तक (दक्षिण भारत से पहला प्रधानमंत्री)

(12). अटल बिहारी वाजपेई :– 16 मई 1996 से 1 जून 1996 तक ( केवल एक वोट से सरकार गिर गई थी)

(13). एच.डी. देवगौड़ा:-  (1 जून 1996 से 21 अप्रैल 1997 तक)

(14). इंद्र कुमार गुजराल :- 21 अप्रैल 1997 से 19 मार्च 1998

(12). अटल बिहारी वाजपेई:- 19 मार्च 1998 से 22 में 2004

(16). मनमोहन सिंह :- 22 में 2004 से 26 में 2014 तक

(17). नरेंद्र मोदी :- 26 मई 2014 से अब तक का

प्रधानमंत्री मोदी भारत के चौथे ऐसे प्रधानमंत्री होंगे, जिन्होंने प्रधानमंत्री के रूप में दो कार्यकाल पूरा किए होंगे। इसके साथ ही वह पहले गैर कांग्रेसी प्रधानमंत्री भी होंगे जो दो कार्यकाल पूरा करेंगे।

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अंत तक पढ़ने के लिए धन्यवाद। 💐💐

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