bhartiya sanvidhan mein kitni bhashaon ko manyata di gai hai

दोस्तों, भारत देश में कई भाषाएं बोली जाती है परंतु, हमारे संविधान द्वारा कुछ भाषाओं को मान्यता प्रदान की गई है। भारतीय संविधान द्वारा मान्यता प्राप्त भाषाओं के बारे में इस पोस्ट  bhartiya sanvidhan mein kitni bhashaon ko manyata di gai hai के माध्यम से विस्तृत जानकारी प्राप्त करेंगे।

भारतीय संविधान 2 वर्ष 11 महीने तथा 18 दिनों में बनाकर तैयार हुआ था। इसे 26 नवंबर 1949 को अंगीकृत किया गया और 26 जनवरी 1950 को संपूर्ण भारत पर लागू कर दिया गया।

आजादी से पहले ही हमारे देश में स्वतंत्रता आंदोलन के साथ-साथ हिंदी भाषा को देश की राष्ट्रभाषा बनाए जाने की मांग प्रारंभ हो गई थी। इसलिए संविधान निर्माता के द्वारा इस मांग को ध्यान में रखते हुए 14 सितंबर 1949 को हिंदी भाषा को संघ की राजभाषा की मान्यता प्रदान की।

संविधान निर्माता के द्वारा भारतीय संविधान के भाग 5 एवं 6 के क्रमशः अनुच्छेद 120 तथा 210 में एवं भाग 17 के अनुच्छेद 343, 344, 345, 346, 347, 348, 349, 350 तथा 351 में राजभाषा हिंदी के संबंध में प्रावधान किए गए हैं।

इसके साथ ही 22 भाषाओं को संविधान की आठवीं अनुसूची में स्थान देखकर संवैधानिक मान्यता प्रदान की गई है। 22 भाषाओं को संविधान की आठवीं अनुसूची में जगह दी गई है इसलिए इस समय भारतीय संविधान द्वारा मान्यता प्राप्त भाषाओं की संख्या 22 है।

भारतीय संविधान के आठवीं अनुसूची में शुरुआत में केवल 14 भाषाओं को ही स्थान दिया गया था। इसके पश्चात सन् 1967 ईस्वी में सिंधी भाषा को अनुसूची में जोड़ा गया और वर्ष 1992 में तीन भाषाओं ,कोंकणी भाषा, मणिपुरी भाषा और नेपाली भाषा को भी आठवीं अनुसूची में शामिल कर दिया गया था।

वर्ष 2003 में चार भाषाओं,बोडो भाषा, डोगरी भाषा और मैथिली तथा संथाली भाषा को भी भारतीय संविधान के आठवीं अनुसूची में शामिल किया गया। इसलिए वर्तमान में भारतीय संविधान द्वारा 22 भाषाओं को मान्यता प्राप्त है।

भारतीय संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल 22 भाषाएं निम्नलिखित है

(1).असमिया,(2) बंगाली,(3) गुजराती,(4) हिंदी,(5) कन्नड़,(6) कश्मीरी,(7) कोंकणी,(8) मलयालम,(9) मणिपुरी,(10) मराठी, (11)नेपाली,(12) उड़िया,(13) पंजाबी,(14) संस्कृत,(15) सिंधी,(16) तमिल,(17) तेलुगू,(18) उर्दू,(19) बोडो,(20) संथाली,(21) मैथिली, और (22)डोगरी।

आठवीं अनुसूची के बारे में

संविधान की आठवीं अनुसूची में भारतीय गणराज्य की आधिकारिक भाषाओं को सूचीबद्ध किया गया है। संविधान के भाग 17 में अनुच्छेद 343 से 351 तक शामिल अनुच्छेद आधिकारिक भाषाओं से संबंधित है।

आठवीं अनुसूची से संबंधित संवैधानिक प्रावधान

✓अनुच्छेद 344 (1) :- यह अनुच्छेद संविधान के प्रारंभ होने से 5 वर्ष की समाप्ति पर राष्ट्रपति द्वारा एक आयोग का गठन करने का प्रावधान करता है।

✓अनुच्छेद 351:-यह अनुच्छेद हिंदी भाषा को विकसित करने के लिए इसके प्रसार का प्रावधान करता है, ताकि यह भाषा भारत की मिश्रित संस्कृति के सभी तत्वों के लिए अभिव्यक्ति के माध्यम के रूप में कार्य कर पाए।

शास्त्रीय भाषाओं के बारे मे

वर्तमान भारत में 6 भाषाओं को शास्त्रीय भाषा का दर्जा प्राप्त है। यह भाषाएं निम्नलिखित है:-

दर्जा प्राप्त शास्त्रीय भाषाएं  शास्त्रीय भाषा का दर्जा प्राप्त होने का समय
तमिल  2004
संस्कृत 2005
कन्नड़ 2008
तेलुगू 2008
मलयालम 2013
ओड़िया 2014

 

Note: ये सभी शास्त्रीय भाषाएं भारतीय संविधान की आठवीं अनुसूची में सूचीबद्ध हैं।

शास्त्रीय भाषाओं हेतु दिशा निर्देश

संस्कृति मंत्रालय के द्वारा शास्त्रीय भाषाओं के संबंध में निम्नलिखित दिशा निर्देश प्रदान किया गया है:-

✓इसकी प्रारंभिक ग्रंथो का इतिहास कम से कम 1500 से 2000 वर्ष से अधिक पुराना होना चाहिए।

✓प्राचीन साहित्य या ग्रंथों का एक हिस्सा ऐसा हो जिसे बोलने वाले लोगों की पीढ़ियों द्वारा एक मूल्यवान विरासत माना जाता हो।

✓साहित्यिक परंपरा में मौलिकता हो जो किसी अन्य भाषिक एक समुदाय से न ली गई हो।

✓शास्त्रीय भाषा और साहित्य, आधुनिक भाषा व साहित्य से भिन्न होता है। इसलिए इसके बाद के रूपों के बीच कुछ असमानताएं भी हो सकती है।

शास्त्रीय भाषाओं का प्रचार का लाभ

मानव संसाधन विकास मंत्रालय के अनुसार किसी भाषा को शास्त्रीय भाषा के रूप में अनुसूचित हो जाने से निम्नलिखित लाभ प्राप्त होते हैं:-

✓भारतीय शास्त्रीय भाषाओं में विख्यात विद्वानों के लिए दो प्रमुख वार्षिक अंतरराष्ट्रीय पुरस्कारों का वितरण किया जाता है।

✓शास्त्रीय भाषाओं में अध्ययन हेतु उत्कृष्ट केंद्र स्थापित किया गया है।

✓मानव संसाधन विकास मंत्रालय के द्वारा विश्वविद्यालय अनुदान आयोग से अनुरोध किया गया है कि वह केंद्रीय विश्वविद्यालयों में शास्त्रीय भाषाओं के पेशेवर अध्यक्षों के कुछ पदों हेतु घोषणा करें।

40 अन्य भाषाओं को आठवीं अनुसूची में शामिल करने की मांग

bhartiya sanvidhan mein kitni bhashaon ko manyata di gai hai

वर्तमान में भारतीय संविधान की आठवीं अनुसूची में 40 अन्य भाषाओं को शामिल करने की मांग की जा रही है।

मांग की जाने वाली 40 भाषाएं निम्नलिखित है:-

अवधि  धक्ति कोडावा नागपूरी
 अंगिका अंग्रेजी कोक बोरोक/ककबरक निकोबारी
बुंदेली गढ़वाली  कुमाऊंनी हिमाचली 
बंजारा गोंडी कुडुख पाली
वज्जिका गोजरी कुरमाली  राजस्थानी 
भूमिज हो लेप्चा कौशल /संबलपुरी
भोजपुरी कच्छी  लिंबू  शौरसेनी
लद्दाखी/भोटी राजबोंग्शी/कामतापुरी मिजो सरायकी
शेर्पा/भोटीया कार्बी  मगही  अंगामी 
छत्तीसगढ़ी  खासी मुंडारी  तुलू

 

Note:-हमारे देश के 22 भाषाओं को भारतीय संविधान द्वारा मान्यता प्राप्त है तथा हमारे देश में कोई भी भाषा राष्ट्रभाषा नहीं है। हिंदी और इंग्लिश  दोनों को आधिकारिक भाषा का दर्जा प्राप्त है। यह व्यवस्था भारत की एकता और अखंडता बनाए रखने हेतु की गई है।

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संसद में प्रयोग की जाने वाली भाषा

भारतीय संविधान के अनुच्छेद 120 के अंतर्गत संसद में प्रयोग की जाने वाली भाषा के संबंध में प्रावधान किया गया है। इस अनुच्छेद के खंड (1) के तहत यह प्रावधान किया गया है कि संविधान के भाग 17 में किसी बात के होते हुए भी किंतु, अनुच्छेद 348 के उपबंधों के अधीन रहते हुए संसद में कार्य हिंदी या अंग्रेजी में किया जाएगा ।

परंतु यथा स्थिति लोकसभा का अध्यक्ष या राज्यसभा का सभापति अथवा उस रूप में कार्य करने वाला कोई व्यक्ति सदन में किसी सदस्य को जो हिंदी में या फिर अंग्रेजी में अपनी बातों को अभीव्यक्त नहीं कर सकता है, उसे अपनी मातृभाषा में सदन को संबोधित करने की अनुमति प्रदान कर सकता है।

अनुच्छेद 120 के खंड 2 के अंतर्गत यह प्रावधान किया गया है कि जब तक संसद विधि द्वारा अन्यथा उपबंध ना करें, तब तक संविधान के प्रारंभ के समय से 15 वर्षों की अवधि की समाप्ति हो जाने के पश्चात यह अनुच्छेद इस प्रकार प्रभावित होगा, जैसे अंग्रेजी में शब्दों का लोक कर दिया गया हो। 

विधान मंडल में प्रयोग की जाने वाली भाषा

भारतीय संविधान के अनुच्छेद 210 के अंतर्गत विधानमंडल में प्रयोग की जाने वाली भाषा के संबंध में प्रावधान किया गया है।

संविधान के अनुच्छेद 210 के खंड (1) के अंतर्गत यह प्रावधान किया गया है, कि संविधान के भाग 17 में किसी बात के होते हुए भी किंतु अनुच्छेद 348 के उपबंधों के अधीन रहते हुए राज्य के विधान मंडल में कार्यवाही राज्य की राजभाषा या राजभाषाओं में या हिंदी में या फिर अंग्रेजी में किया जाएगा।

किंतु यथा स्थिति विधानसभा का अध्यक्ष या विधान परिषद का सभापति अथवा उस रूप में कार्य करने वाला कोई व्यक्ति सदन में किसी भी सदस्य को जो अपने राज्य की राजभाषा या राजभाषाओं अथवा हिंदी अथवा अंग्रेजी में से किसी भी भाषा में अपनी बातों को पर्याप्त रूप से अभिव्यक्त नहीं कर सकता है, उसे अपनी मातृभाषा में अपनी बातों को अभिव्यक्त करने की अनुमति प्रदान कर सकता है। 

भारतीय संविधान के अनुच्छेद 210 के खंड( 2) के अंतर्गत यह प्रावधान किया गया है, कि जब तक राज्य विधान मंडल विधि द्वारा अन्यथा उपबंध ना करें, तब तक संविधान के लागू होने के समय से 15 वर्षों की अवधि की समाप्ति हो जाने के पश्चात अनुच्छेद ऐसे प्रभावित होगा जैसे मानो अंग्रेजी में शब्दों का उसमें से लोप कर दिया गया है।

 महत्वपूर्ण प्रश्न-उत्तर

(1).भारतीय संविधान की आठवीं अनुसूची में अंतिम भाषा कौन सी है?

उत्तर:- हमारे संविधान की आठवीं अनुसूची में अंतिम भाषा के रूप में वर्ष 2003 में 92वां संविधान संशोधन के माध्यम से शामिल किया गया बोडो, डोगरी, मैथिली और संथाली है, जो की वर्ष 2004 से प्रभावी है।

(2). मैथिली भाषा को संविधान के आठवीं अनुसूची में कब मान्यता दी मिली?

उत्तर:- मैथिली भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में वर्ष 2003 में 92वां संविधान संशोधन अधिनियम के द्वारा मान्यता प्राप्त हुई।यह भाषा वर्ष 2004 से प्रभावी है।

( 3).वर्तमान में भारतीय संविधान में कितनी राज भाषाएं वर्णित है?

उत्तर:- वर्तमान में भारतीय संविधान द्वारा 22 भाषाओं को राज्य भाषा का दर्जा प्राप्त है। हिंदी, पंजाबी, उर्दू, कश्मीरी, संस्कृत, असमिया, ओड़िआ, बांग्ला, गुजराती, मराठी, सिंधी, तमिल, तेलुगू ,मलयालम, कन्नड़, मणिपुरी, कोंकणी, नेपाली, संथाली, मैथिली, बोडो, और डोगरी।

(4). भारतीय संविधान की आठवीं अनुसूची में कितनी भाषाएं शामिल है?

उत्तर:- भारतीय संविधान की आठवीं अनुसूची में 22 भाषाओं को शामिल किया गया है। ये भाषाएं निम्नलिखित है:- (1).असमिया,(2) बंगाली,(3) गुजराती,(4) हिंदी,(5) कन्नड़,(6) कश्मीरी,(7) कोंकणी,(8) मलयालम,(9) मणिपुरी,(10) मराठी, (11)नेपाली,(12) उड़िया,(13) पंजाबी,(14) संस्कृत,(15) सिंधी,(16) तमिल,(17) तेलुगू,(18) उर्दू,(19) बोडो,(20) संथाली,(21) मैथिली, और (22)डोगरी।

(5). भारतीय संविधान के किस अनुसूची में भाषाओं को सम्मिलित किया गया है?

उत्तर:-भारतीय संविधान के आठवीं अनुसूची में 22 भाषाओं को सम्मिलित किया गया है।

(6). भारतीय संविधान के किस अनुसूची में राजभाषा को वर्णित किया गया है?

उत्तर:-भारतीय संविधान के आठवीं अनुसूची में राजभाषाओं को वर्णित किया गया है।

(7).भारत की नवीनतम भाषा कौन सी है?

उत्तर:-शास्त्रीय भाषाओं की सूची में वर्ष 2014 में उड़िया भाषा को सम्मिलित कर शास्त्रीय भाषा का दर्जा दिया गया। भारत की नवीनतम भाषा वर्तमान में ओड़िया है।

(8) भारत की प्रथम भाषा कौन सी है?

उत्तर:-भारत में सबसे अधिक बोले जाने वाले मातृभाषा या प्राथमिक भाषा के रूप में हिंदी है। यह भाषा उत्तर और मध्य भारत के अधिकांश हिस्सों में सामान्य भाषा के रूप में कार्य करती है।

(9). वर्तमान में भारत की राष्ट्रीय भाषा क्या है?

उत्तर:-हिंदी भाषा को राजभाषा का दर्जा 14 सितंबर 1949 को प्राप्त हुआ था। इसके पश्चात 1953 से राजभाषा प्रचार समिति के द्वारा हर वर्ष 14 सितंबर को हिंदी दिवस के रूप में आयोजन किया जाता है। भारतीय संविधान के भाग 17 के अनुच्छेद 343 के खंड (1) में कहा गया है कि राष्ट्र की राजभाषा हिंदी और लिपि देवनागरी होगी।

(10). मातृभाषा और राष्ट्रभाषा में क्या अंतर है?

उत्तर:-मातृभाषा वह पहली भाषा है जिसे कोई व्यक्ति अपने जीवन में ग्रहण करता है। राष्ट्रभाषा राज्य के आधिकारिक भाषा होती है और देश का प्रतिनिधित्व करती हैं यानी कहा जा सकता है कि राष्ट्रभाषा वह भाषा है जिसका प्रयोग किसी देश में सबसे अधिक होता है।

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अंत तक पढ़ने के लिए धन्यवाद। 💐💐

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