Byaj par Paisa kaun deta hai|ब्याज पर पैसा कौन देता है, फ्रॉड से बचने के लिए जान ले इन नियमों के बारे में

 दोस्तों, आप कभी-न- कभी ब्याज पर पैसे उधार लेने देने की बातें तो सुनी ही होगी। क्योंकि यह कोई नई बात नहीं है। यह बहुत पुराने समय से चलती आ रही है। इससे जुड़ी कुछ नियमों के बारे में byaj par Paisa kaun deta hai  में बताया गया है।

यदि आप भी उधार पर पैसे लेनदेन करते हैं, तो यह पोस्ट Byaj par Paisa kaun deta hai आपके लिए बहुत ही लाभकारी साबित हो सकता है। इसलिए इस पोस्ट को अंत तक अवश्य पढ़ें।

आप ऐसा स्वयं करते होंगे या फिर अपने आसपास के लोगों में से किसी को देखा होगा की उधार पर पैसा लेनदेन करने का अपना पेशा बना लिए हैं। इससे उनका काफी मुनाफा होता है।

परंतु कुछ नियमों के बारे में जानकारी न होने की वजह से कभी-कभी नुकसान का भी सामना करना पड़ता है। तो दोस्तों, इस पोस्ट Byaj par Paisa kaun deta hai में ब्याज पर पैसा देने के सारे नियम कानून बताए गए हैं ।

 इन‌ नियमों को जानने के पश्चात आप या फिर यदि आपके कोई रिश्तेदार या कोई अपने उधार लेनदेन का पेशा करते हैं, तो नुकसान होने से या अपने साथ फ्रॉड होने से खुद को बचा पाएंगे। इसलिए इस पोस्ट को अंत तक अवश्य पढ़ें।

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ब्याज पर पैसा लेनदेन करने का नियम

 दोस्तों मैं आपको जानकारी के लिए बता दूं कि ब्याज पर पैसे लेनदेन के काम को विनियमित करने के लिए विभिन्न राज्य सरकारों के द्वारा मनी लेंडिंग एक्ट लाई गई है। इस एक्ट को साहूकार कानून के नाम से भी जाना जाता है।

मनी लेंडिंग एक्ट /साहूकार कानून

✓मनी लेंडिंग एक्ट के अनुसार ब्याज पर पैसा देने का काम करने के लिए मनी लेंडिंग एक्ट के तहत लाइसेंस लेना अनिवार्य बनाया गया है।

✓यदि कोई व्यक्ति बिना लाइसेंस के ब्याज देने का काम करता है, तो उस पर कानूनी कार्यवाही हो सकती है।

✓क्योंकि बिना लाइसेंस के ब्याज देने के काम को मनी लेंडिंग एक्ट के तहत गैर कानूनी घोषित कर दिया गया है। 

✓यह नियम बनाकर सरकार के द्वारा ब्याज पर पैसे देने वाले व्यक्ति या साहुकारों को सुरक्षा प्रदान किया है।

✓यदि कोई साहूकार इस एक्ट के तहत लाइसेंस लेकर ब्याज का काम करता है, और यदि भविष्य में उसका कोई पैसा वापस नहीं करता है, तो इस एक्ट के तहत साहूकार उस व्यक्ति पर कानूनी कार्यवाही के लिए कोर्ट के पास जा सकता है।

✓इस एक्ट के तहत साहूकार पैसा वापस न करने वाले व्यक्ति पर कानूनी कार्यवाही करके अपना पैसा वापस पा सकता है।

इसलिए कहा जा सकता है कि यह कानून साहूकारों को या ऐसा काम करने वाले व्यक्ति को बहुत ही महत्वपूर्ण सुरक्षा प्रदान किया है।

साहुकार लाइसेंस के लिए पात्रता क्या है?

 मनी लेंडिंग एक्ट के तहत ब्याज पर पैसा कम करने के लिए साहूकारों को लाइसेंस प्रदान करने हेतु कुछ पात्रता या शर्तें निर्धारित की गई है।

तो आईए जानते हैं इन शर्तों के बारे में:-

(1). आवेदक न्यूनतम 10 वीं कक्षा पास होनी चाहिए।

(2). आवेदक की आयु 18 वर्ष से काम नहीं होना चाहिए।

(3). आवेदक जिस राज्य में लाइसेंस लेना चाहता है, उसे उस राज्य का निवासी होना अनिवार्य है।

आवश्यक दस्तावेजों के बारे में

(1). वैलिड पहचान पत्र होना चाहिए।

जैसे:- आधार कार्ड/ वोटर कार्ड /राशन कार्ड

(2). आवेदक का आवासीय प्रमाण पत्र होना चाहिए।

(3) दसवीं कक्षा का मार्कशीट या सर्टिफिकेट जिसमें आवेदक का जन्म तिथि अंकित होना चाहिए।

(4). पैन कार्ड

(5). बैंक खाता

(6). पासपोर्ट साइज फोटो

साहूकार कानून या मनी लेंडिंग एक्ट के तहत लाइसेंस बनाने के तरीके

✓यदि आप ब्याज पर पैसे देने का काम करना चाहते हैं तो आपको सर्वप्रथम मनी लेंडिंग एक्ट के तहत लाइसेंस लेनी चाहिए।

✓मनी लेंडिंग एक्ट के तहत लाइसेंस लेने के लिए आपको अपने तहसील कार्यालय जाकर संपर्क करना पड़ेगा।

✓इसके अतिरिक्त यदि आप चाहे तो वित्तीय मामले से संबंधित किसी वकील से भी संपर्क करके इससे संबंधित नियमों के बारे में जानकारी हासिल कर सकते हैं।

✓जानकारी के लिए मैं आपको बता दूं कि भिन्न-भिन्न  राज्यों में ब्याज पर पैसे देने के भिन्न-भिन्न नियम कानून बनाए गए हैं। आपको उन नियमों का पालन करना आवश्यक होगा।

ब्याज दर 13% निर्धारित

दोस्तों, आपने अक्सर टीवी न्यूज़ चैनलों या अखबारों में देखें सुने होंगे की कर्ज में डूबे लोगों के द्वारा आत्महत्या की जा रही हैं। ऐसी खबरें बार-बार सुनने को मिलते हैं।

इसका मुख्य कारण शुद्ध खोरों के द्वारा अत्यधिक ब्याज वसूलना माना जाता है। इसी समस्या को देखते हुए विभिन्न राज्य सरकारों के द्वारा उधार देने के लिए एक निश्चित ब्याज दर तय कर दी गई है, ताकि साहूकारों के द्वारा अधिक ब्याज दर पर पैसे न दिए जाएं।

उदाहरण के तौर पर मैं आपको बता दूं कि मध्य प्रदेश सरकार के द्वारा ब्याज पर उधार देने के लिए प्रतिवर्ष अधिकतम 13% ब्याज दर निर्धारित कर दिए गए हैं। यदि कोई साहूकार इस निश्चित ब्याज दर से अधिक दर पर पैसा उधार देता है, तो उस पर कानूनी कार्यवाही हो सकती है।

बिना एग्रीमेंट के नहीं देने चाहिए पैसे

✓दोस्तों, यदि आप उधार पर पैसे लेनदेन का काम करते हैं, तो कभी भी बिना एग्रीमेंट के पैसे किसी को न दें। क्योंकि यह आपके लिए नुकसानदायक हो सकता है।

✓ आप पैसे लेने वाले व्यक्ति से स्टांप पेपर पर एक एग्रीमेंट अवश्य करवा ले। यह एग्रीमेंट पेपर आपको आपके उधार के पैसे के गारंटी प्रदान करता है।

✓पैसा न मिलने पर आप इस स्टांप पेपर के आधार पर उधार लेने वाले व्यक्ति पर कानूनी कार्यवाही कर सकते हैं।

✓एग्रीमेंट के समय आप यदि चाहें तो उधार लेने वाले से एक चेक ले सकते हैं।

✓ एग्रीमेंट हो जाने पर आपका दावा मजबूत हो जाता है। इस प्रकार आप अपने पैसों को सुरक्षित कर सकते हैं।

इस पोस्ट को पढ़ने के बाद आपको यह बात समझ में आ ही गई होगी कि आपको अपने पैसे सुरक्षित करने के लिए मनी लेंडिंग एक्ट के तहत लाइसेंस लेना आपके लिए कितना आवश्यक है। 

यदि आप इस एक्ट के तहत लाइसेंस ले लेते हैं और पैसा उधार देते समय उधार लेने वाले व्यक्ति से एग्रीमेंट करवा लेते हैं ,तो भविष्य में होने वाले नुकसान से अपने आप को सुरक्षित रख सकते हैं।

दोस्तों उम्मीद है कि यह पोस्ट Byaj par Paisa kaun deta hai आपको अच्छी लगी होगी यह पोस्ट आपके लिए लाभदायक भी साबित होगी। ऐसे ही और जानकारी हासिल करने के लिए इस वेबसाइट के साथ हमेशा बने रहे

अंत तक पढ़ने के लिए धन्यवाद। 💐💐

 

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