Hanuman chalisa likhit in hindi : हनुमान चालीसा लिखित, हनुमान चालीसा करते समय सावधानियां, जानें किन-किन बातों का रखना पड़ता है ध्यान

दोस्तों, जो व्यक्ति हनुमान चालीसा का नित्य दिन पाठ करता है, उस पर हनुमान जी के साथ-साथ राम जी और भगवान शिव शंकर एवं माता पार्वती की कृपा भी प्राप्त होती है। यहां दी गई Hanuman chalisa likhit in hindi पोस्ट के माध्यम से आप हनुमान चालीसा पढ़ सकते हैं। इस पोस्ट में हनुमान चालीसा पढ़ते समय बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में चर्चाएं की गई है। इसलिए इस पोस्ट को अंत तक अवश्य पढ़ें।
दोस्तों, आपने कभी सुना होगा कि जिस व्यक्ति पर भगवान राम की कृपा हो जाए, उस पर तो सभी देवताओं की कृपा दृष्टि की बरसात अपने आप होने लगती है।
इसीलिए तो कहा गया है कि
जा पर कृपा राम की होई।
ताप पर कृपा कर हीं सब कोई।।

इसलिए व्यक्ति को हनुमान जी की कृपा प्राप्त करने के साथ-साथ राम जी की कृपा भी प्राप्त करने के लिए प्रत्येक दिन खास तौर पर मंगलवार और शनिवार के दिन हनुमान चालीसा का पाठ अवश्य करना चाहिए।

हनुमान चालीसा का पाठ करते समय यदि कुछ सावधानियां बढ़ती जाए और कुछ नियमों का पालन किया जाए, तो जल्द ही चमत्कार देखने को मिल जाते हैं।

राम भक्त हनुमान की कृपा तो हनुमान चालीसा की पाठ करने से प्राप्त होती ही है, साथ ही श्री राम प्रभु तथा अन्य देवताओं की कृपा भी प्राप्त होने लगती है।

इससे व्यक्ति का जीवन खुशहाल एवं सुखमय होने लगता है। साधक के जीवन से सभी प्रकार की समस्याएं दूर होने लगते हैं। सभी कष्टों का नाश होने लगता है। घर परिवार में सुख- शांति- समृद्धि का वास हो जाता है।

श्री हनुमान चालीसा

दोहा

श्री गुरु चरण सरोज रज, निज मन मुकुरू सुधारि।

बरनऊं रघुबर विमल जसु, जो दायकु फल चारि।।

 बुद्धिहीन तनु जानिके, सुमिरौं पवन कुमार।

बल बुद्धि विद्या देहु मोहिं, हरहुं कलेश बिकार।।

चौपाई

जय हनुमान ज्ञान गुन सागर।

जय कपीस तिहुं लोक उजागर।।

राम दूत अतुलित बल धामा ।

अंजनी पुत्र पवनसुत नामा।।

महावीर विक्रम बजरंगी।

कुमति निवार सुमति के संगी।।

कंचन बरन विराज सुबेसा।

कानन कुंडल कुंचित केसा।।

हाथ ब्रज और ध्वजा बिराजै।

कांधे मूंज जनेऊ साजै।

संकर सीवन केसरीनंदन ।

तेज प्रताप महा जग बन्दन।।

विद्या वान गुनी अति चातुर।

राम काज करिबे को आतुर।।

प्रभु चरित्र सुनिबे को रसिया ।

राम लखन सीता मन बसिया।।

सुक्ष्म रूप धरि सियहिं दिखावा।

बिकट रूप धरि लंक जरावा

भीम रूप धरि असुर संहारें ।

रामचंद्र के काज संवारे ।।

लाए सजीवन लखन जियाये।

श्री रघुवीर हरषि उर लाये।।

रघुपति कीन्ही बहुत बड़ाई ।

तुम मम प्रिय भरतहि सम भाई।।

सहस बदन तुम्हरो जस गावैं।

अस कहि  श्रीपति कंठ लगावैं।।

सनकादिक ब्रह्मदी मुनीसा।

नारद सारद सहित अहिसा ।।

जम कुबेर दिगपाल जहां ते ।

कवि कोबिद कहि सके कहां थे ।।

तुम उपकार सुग्रीवहिं कीन्हा।

राम मिलाय राज पद दीन्हा ।।

तुम्हरो मंत्र बिभीषन माना।

लंकेश्वर भय सब जग जाना ।।

जुग सहस्त्र जोजन पर भानू।

लील्यो ताहि मधुर फल जानू।।

प्रभु मुंद्रिका मेलि मुख माहीं ।

जलधि लांघि गये अचरज नाहीं।

दुर्गम काज जगत के जेते।

सुगम अनुग्रह तुम्हरे तेते।।

राम दुआरे तुम रखवारे।

होत न आज्ञा बिनु पैसारे।।

सब सुख लहै तुम्हारी सरना।

तुम रक्षक काहू को डर ना।।

आपन तेज सम्हारो आपै।

तीनों लोक हाक तें कांपै।

भूत पिशाच निकट नहीं वै

महावीर जब नाम सुनावै।।

नासै रोग हरै सब पीरा।

जपत निरंतर हनुमत बीरा।।

संकट ते हनुमान छुड़ावै।

मन क्रम बचन ध्यान जो लावै।।

सब पर राम तपस्वी राजा।

तीन के काज सकल तुम साजा।।

और मनोरथ जो कोई लावै ।

सोई अमित जीवन फल पावै।।

चारों जुग परताप तुम्हारा।

है परसिद्ध जगत उजियारा ।।

साधु संत के तुम रखवारे ।

असुर निकंदन राम दुलारे।।

अष्ट सिद्धि नव निधि के दाता।

अस बर  दीन जानकी माता।।

राम रसायन तुम्हरे पासा ।

सदा रहो रघुपति के दासा ।।

तुम्हारे भजन राम को पावै।

जनम जनम के दुख विसरावै।।

अंत काल रघुबर पुर जाई ।

जहां जन्म हरि भक्त कहानी।

और देवता चित्त न धरई ।

हनुमत सेई सर्व सुख करई ।।

संकट कटै मिटै सब पीरा ।

जो सुमिरै हनुमत बलबीरा।

जय जय हनुमान गोसाईं।

कृपा करहु गुरुदेव की नाईं।।

जो सत बार पाठ कर कोई।

छूटहिं बंदी महा सुख होई ।।

जो यह पढ़ै हनुमान चालीसा।

होय सिद्धि साखी गौरीसा।।

तुलसीदास सदा हरि चेरा।

कीजै नाथ हृदय मंह डेरा।।

दोहा

पवन तनय संकट हरण, मंगल मूरति रूप।

राम लखन सीता सहित, हृदय बसहु सुर भूप।।

हनुमान चालीसा का पाठ करते समय इन सावधानियां का ध्यान अवश्य रखें

• दोस्तों, शास्त्रों के अनुसार मंगलवार के दिन श्री हनुमान चालीसा का पाठ अवश्य करना चाहिए।

• हनुमान चालीसा का पाठ करने से पूर्व हमें स्वच्छता का ध्यान अवश्य रखना चाहिए।

• इसलिए पाठ करने से पहले स्नान आदि से निवृत्त होकर ध्यान करें एवं स्वयं पर गंगाजल या स्वच्छ जल का भी छिड़काव कर सकते हैं।

• पूजा के समय बैठने के लिए एक स्वच्छ आसन का प्रयोग अवश्य करें।

• बिना आसन के फर्श पर बैठकर पूजा करना और अशुभ माना जाता है।

• भगवान का कोई भी कार्य करते समय चटाई या फर्श पर ना बैठ कर न करें।

• हनुमान चालीसा का जाप शुरू करने से पहले प्रथम पूज्य गणेश भगवान की पूजा अर्चना अवश्य करें।

• इसके पश्चात भगवान श्री राम और माता सीता को प्रणाम करें।

• इतना कुछ करने के पश्चात ही आप हनुमान चालीसा का पाठ करें।

• ऐसा माना जाता है कि इस तरीका से हनुमान चालीसा का पाठ करने से साधक का मनवांछित कार्य सिद्ध हो जाता है।

• हनुमान चालीसा का जाप करने से पूर्व एक दीपक अवश्य जलाएं तथा हनुमान जी को फूल अर्पित करें।

• हनुमान चालीसा का पाठ के दौरान इस बात का भी अवश्य ध्यान रखें कि मन में किसी के प्रति बैर या क्रोध न हो।

• अपनी मनोकामनाओं को ध्यान में रखकर ही हनुमान चालीसा का पाठ करें। ऐसा करने से साधक की जल्द ही  मनोकामनाएं पूर्ण होती है।

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मैं यह बताना चाहूंगी कि इस Hanuman chalisa likhit in hindi पोस्ट के माध्यम से दी गई धार्मिक संबंधित जानकारियां, धार्मिक मान्यताओं और आस्थाओं पर आधारित है। इसलिए यह वेबसाइट किसी भी प्रकार की सत्यता का पुष्टि नहीं करता है। आप कुछ भी प्रयोग करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह अवश्य कर लें। हमारा उद्देश्य आप तक इस पोस्ट के माध्यम से महज सूचना पहुंचना ही है।

अंत तक पढ़ने के लिए धन्यवाद

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