rashtrapati ko shapath kaun dilata hai : राष्ट्रपति को शपथ कौन दिलाता है

दोस्तों, आपको जानकारी होगी कि हमारे देश में सभी कार्य राष्ट्रपति के नाम पर ही किए जाते हैं। राष्ट्रपति को राष्ट्र का प्रमुख एवं भारत का प्रथम नागरिक कहा जाता है। आज इस पोस्ट के माध्यम से हम सब राष्ट्रपति के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त करते हुए यह भी जानेंगे कि rashtrapati ko shapath kaun dilata hai ? राष्ट्रपति को कितनी सैलरी प्राप्त होती है। इसलिए इस पोस्ट को अंत तक अवश्य पढ़ें।
द्रौपदी मुर्मू देश का 15 वीं राष्ट्रपति के रूप में पद को संभाले हुई है। द्रौपदी मुर्मू देश की पहली आदिवासी महिला राष्ट्रपति हैं, जो 14वीं राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के जगह ली है।
मैं आपको बता दूं कि रामनाथ कोविंद का कार्यकाल 24 जुलाई 2022 को समाप्त हो गया था एवं 25 जुलाई को नए राष्ट्रपति के रूप में द्रौपदी मुर्मू जी शपथ ली।
ऐसे में हम सभी के दिमाग में एक प्रश्न उठता है कि आखिर देश के शीर्ष संवैधानिक पद पर बैठने वाले शख्स यानी कि राष्ट्रपति को शपथ कौन दिलाता है, और राष्ट्रपति के पास कौन-कौन सी शक्तियां होती हैं। उन्हें कौन-कौन सी शक्तियां सुविधा प्राप्त होती है।
तो आइए इस पोस्ट के माध्यम से विस्तृत जानकारी प्राप्त करते हैं:- 

राष्ट्रपति को शपथ दिलाने का काम चीफ जस्टिस यानी की भारत के मुख्य न्यायाधीश करता है। सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ही भारत के प्रथम नागरिक को राष्ट्रपति पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाने का काम करता है।

यदि किसी कारणवश मुख्य न्यायाधीश अनुपस्थित रहते हैं ,तो उनके स्थान पर सुप्रीम कोर्ट के सबसे सीनियर जज राष्ट्रपति को शपथ दिलाते हैं। राष्ट्रपति का कार्यकाल हमारे देश में 5 सालों का है।

मैं जानकारी के लिए बता दूं कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 60 में राष्ट्रपति को शपथ दिलाने से संबंधित स्पष्ट उल्लेख किया गया है।

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कैसे होता है भारत में राष्ट्रपति का चुनाव

भारतीय संविधान के अनुच्छेद 54 में भारत के राष्ट्रपति के चुनाव के बारे में विस्तार से वर्णन किया गया है। इसमें बताया गया है कि राष्ट्रपति का चुनाव अप्रत्यक्ष रूप से कराया जाता है।

यानी गुप्त मतदान के जरिए देश के चुने हुए जनप्रतिनिधियों (लोकसभा एवं राज्यसभा के सांसद तथा राज्यों के विधानसभाओं के विधायक) के द्वारा देश के राष्ट्रपति का चुनाव किया जाता है।

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उपराष्ट्रपति को पत्र सौंप कर दे सकते हैं इस्तीफा

राष्ट्रपति के इस्तीफा देने की बात की जाए तो उपराष्ट्रपति की भूमिका इस्तीफा देने के मामले में महत्वपूर्ण हो जाती है।

क्योंकि राष्ट्रपति अपना इस्तीफा पत्र उपराष्ट्रपति को सौंप कर ही इस्तीफा देते हैं। राष्ट्रपति का पद 6 महीने से अधिक समय तक रिक्त नहीं रखा जा सकता है। वहीं किसी राष्ट्रपति की अगर अचानक मृत्यु हो जाती है, तो उस स्थिति में राष्ट्रपति का कार्य भार भारत के उपराष्ट्रपति के द्वारा ही संभाला जाता है।

राष्ट्रपति का कार्यभार संभालने से पहले उपराष्ट्रपति को भी राष्ट्रपति पद की शपथ लेना पड़ता है। यह शपथ भी सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस यानी भारत के सर्वोच्च न्यायाधीश के द्वारा ही दिलाई जाती है।

यदि उस समय उपराष्ट्रपति का पद भी रिक्त हो, तो यह जिम्मेदारी देश के चीफ जस्टिस यानी सर्वोच्च न्यायाधीश को संभालना पड़ता है।

भारत के सर्वोच्च न्यायाधीश का भी पद यदि इस समय रिक्त हो तो ऐसी स्थिति में यह जिम्मेदारी सर्वोच्च न्यायालय के सबसे वरिष्ठ जज के कंधे पर जाती है।

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भारत के राष्ट्रपति का अधिकार कौन-कौन से हैं

भारत के राष्ट्रपति का अधिकार ब्रिटेन की महारानी की तरह ही होता है, जिसका काम अलंकारिक अधिक होता है। यानी कि राष्ट्रपति के द्वारा देश के राजनीतिक संस्थाओं के काम की निगरानी किया जाता है।

ताकि राज्य के उद्देश्यों को हासिल करने के लिए मिल जुल कर काम कर सके। हालांकि यदि देश के संविधान को आप पढ़ेंगे, तो ऐसा मालूम पड़ेगा की ऐसा कुछ नहीं है जो कि राष्ट्रपति नहीं कर सकता है।

भारतीय संविधान के अनुच्छेद 53 के तहत संघ की कार्यपालिका शक्ति राष्ट्रपति में ही निहित होती है। राष्ट्रपति इसका प्रयोग संविधान के अनुसार स्वयं या अपने अधीनस्थ अधिकारियों के सहायता से करता है। राष्ट्रपति को सलाह देने के लिए एक मंत्रिपरिषद होती है।

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राष्ट्रपति की शक्तियां

• भारत का राष्ट्रपति भारत के रक्षा बलों का सुप्रीम कमांडर होता है।

• भारतीय संविधान के अनुच्छेद 72 के तहत राष्ट्रपति किसी अपराध के लिए दोषी ठहराए गए किसी व्यक्ति को सजा माफ कर सकता है। निलंबित या कम करने के साथ ही खत्म भी कर सकता है।

• राष्ट्र राष्ट्रपति को मृत्यु दंड की अपराधी की सजा पर फैसला लेने का अधिकार संविधान के द्वारा प्रदान किया गया है।

• भारत के चीफ जस्टिस सर्वोच्च न्यायालय एवं राज्य के हाईकोर्ट के न्यायाधीशों राज्यपालों चुनाव आयुक्तों एवं दूसरे देशों में राजपूतों की नियुक्ति करता है

• भारतीय संविधान के अनुच्छेद 352 के राष्ट्रपति युद्ध या बाहरी आक्रमण या सशस्त्र विद्रोह के स्थिति में देश में आपातकाल की घोषणा कर सकता है।

• अनुच्छेद 356 के तहत राष्ट्रपति के तरफ से किसी राज्य में संवैधानिक तंत्र के सफलता पर राज्यपाल की रिपोर्ट के आधार पर वहां राष्ट्रपति शासन लगा सकता है। राष्ट्रपति लगने की स्थिति में राज्य केंद्र के नियंत्रण में आ जाता है।

• राष्ट्रपति अनुच्छेद 80 के तहत साहित्य विज्ञान कला और समाज सेवा में विशेष ज्ञान या व्यावहारिक अनुभव रखने वाले 12 व्यक्तियों का राज्यसभा में मनो- नयन करता है।

• राष्ट्रपति के पास अनुच्छेद 360 के तहत भारत या उसके राज्य क्षेत्र के किसी भी भाग में वित्तीय संकट की दशा में वित्तीय आपातकाल की घोषणा भी कर सकता है

• अनुच्छेद 75 के अनुसार प्रधानमंत्री की नियुक्ति राष्ट्रपति के द्वारा की जाती है।

• लोकसभा चुनाव में जब किसी भी दल या गठबंधन को जब स्पष्ट बहुमत प्राप्त नहीं होता है, तो ऐसी स्थिति में राष्ट्रपति अपने विवेक का इस्तेमाल करते हुए ही सरकार बनाने के लिए किसी दल विशेष को आमंत्रित करता है।

• सभी अंतरराष्ट्रीय समझौते एवं संधियां भारत में राष्ट्रपति के नाम पर ही की जाती है।

• संसद की तरफ से कोई भी विधायक राष्ट्रपति के मंजूरी के बाद ही कानून का रूप धारण करता है।

• यदि राष्ट्रपति चाहे तो उस विधेयक को कुछ समय के लिए रोक सकता है। वह विधेयक पर पुनर्विचार के लिए संसद को वापस भी भेज सकता है।

• यदि संसद दोबारा उस विधेयक को पारित कर देती है, तो राष्ट्रपति को उस पर हस्ताक्षर करना ही पड़ता है।

• देश के सभी कानून और सरकार के प्रमुख नीतिगत फैसला भारत में राष्ट्रपति के नाम पर ही लिए जाते हैं।

• राष्ट्रपति अपने अधिकारों का इस्तेमाल मंत्री परिषद के सलाह के अनुसार ही करता है।

• राष्ट्रपति मंत्री परिषद को अपनी सलाह पर पुनर्विचार के लिए कह सकता है, लेकिन वही सलाह फिर से मिलती है, तो वह उसे करने के लिए बाध्य हो जाता है।

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भारत देश में राष्ट्रपति को कितनी सैलरी प्राप्त होती है

• वर्तमान में हमारे देश के राष्ट्रपति की सैलरी प्रतिमाह 5 लाख रुपये प्राप्त होती है। इसके अतिरिक्त उन्हें फ्री मेडिकल सुविधा, घर, बिजली एवं टेलीफोन बिल सहित अन्य भट्टी भी मिलते हैं।

• मैं आपको बता दूं कि वर्ष 2017 से पहले देश के राष्ट्रपति की सैलरी मात्र डेढ़ लाख रुपए प्रति महीने थी।

• उस समय टॉप ब्यूरोक्रेट्स और कैबिनेट मंत्री की सैलरी देश के राष्ट्रपति से कहीं अधिक थी।

• वर्तमान में राष्ट्रपति को कहीं आने-जाने हेतु विशेष तौर पर बनी मर्सिडीज़ बेंज एस 600 पुल मैन गार्ड गाड़ी मिलती है।

• राष्ट्रपति के फ्लैट में 25 वाहन होते हैं। राष्ट्रपति के पास स्पेशल बॉडीगार्ड भी होते हैं। इन्हें प्रेसिडेंशियल बॉडीगार्ड के नाम से जाना जाता है।

• इनकी संख्या 86 होती है। वहीं राष्ट्रपति के पद से हटने के पश्चात भी उन्हें डेढ़ लाख रुपए पेंशन मिलती रहती है।

• पूर्व राष्ट्रपति के रूप में उन्हें रहने के लिए मुफ्त में एक बंगला, एक मोबाइल फोन, दो फ्री लैंडलाइन फोन एवं लाइफ टाइम फ्री इलाज की सुविधा प्रदान की जाती है।

• स्टाफ के खर्च के लिए सरकार पूर्व राष्ट्रपति को 60 हजार रुपए मिलते हैं। पूर्व राष्ट्रपति को अपने साथ एक सहयोगी के लिए ट्रेन या हवाई मार्ग से फ्री यात्रा की सुविधा भी प्राप्त होती है।

List of President 

( 1). राजेंद्र प्रसाद

(2). सर्वपल्ली राधाकृष्णन

(3). जाकिर हुसैन

      वेंकट गिरी

      मोहम्मद हिदायतुल्लाह

(4). वेंकट गिरी

(5). फखरुद्दीन अली अहमद

    बी.डी. जत्ती

( 6). नीलम संजीव रेड्डी

(7). ज्ञानी जैल सिंह

(8).  आर वेंकटरमन

(9). शंकर दयाल शर्मा

(10). के आर नारायणन

(11). एपीजे अब्दुल कलाम आजाद

(12). प्रतिभा देवी सिंह पाटिल

(13). प्रणव मुखर्जी

(14). रामनाथ कोविंद

(15). द्रौपदी मुर्मू

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FAQ :- पोस्ट से संबंधित महत्वपूर्ण प्रश्न उत्तर

(1). भारत के राष्ट्रपति को पद की शपथ कौन दिलाता है?

उत्तर:- भारत के राष्ट्रपति को भारत के सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश शपथ दिलवाते हैं अनुच्छेद 60 राष्ट्रपति द्वारा शपथ की पुष्टि करता है वर्तमान में द्रौपदी मुर्मू भारत के 15वीं राष्ट्रपति हैं राष्ट्रपति संविधान और कानून के शासन को बनाए रखना बचाव करने एवं कर्तव्यों के साथ संवैधानिक प्रमुख भी होते हैं।

(2). राष्ट्रपति की सैलरी कौन देता है?

उत्तर:- भारत के राष्ट्रपति को सैलरी भारत की संचित निधि से प्रतिमाह प्राप्त होता है।

(3). भारत के प्रथम राष्ट्रपति कौन थे?

उत्तर:- भारत के प्रथम राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसाद थे। राजेंद्र प्रसाद की संवैधानिक नियुक्ति 26 जनवरी 1950 को हुई थी। इसके पश्चात 13 मई 1952 को उन्होंने भारत के राष्ट्रपति पद की शपथ दिलाई गई। आगे उन्हें दूसरी बार भी राष्ट्रपति चुनाव में जीत हासिल हुई और वर्ष 1957 में उन्हें दूसरी बार राष्ट्रपति पद का शपथ लेने का अवसर प्राप्त हुआ था।

(4). भारत के द्वितीय राष्ट्रपति कौन है?

उत्तर:- डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन 5 सितंबर 1888 से 17 अप्रैल 1975 तक भारत के प्रथम उपराष्ट्रपति पद पर एवं 1952 से 1962 तक द्वितीय राष्ट्रपति के पद को सुशोभित किया था।

(5). दो बार राष्ट्रपति कौन बने थे?

उत्तर:- डॉ राजेंद्र प्रसाद ही एकमात्र ऐसे व्यक्ति हैं, जो लगातार दो बार राष्ट्रपति के पद पर विराजमान हुए थे। बाबू राजेंद्र प्रसाद के पश्चात किसी भी व्यक्ति ने आज तक दोबारा से राष्ट्रपति के पद पर आसीन होने की इच्छा जाहिर नहीं की है। साथ ही डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद के नाम पर सबसे लंबे समय तक राष्ट्रपति पद पर बने रहने का रिकॉर्ड भी मौजूद है।

(6). भारत की सबसे अधिक उम्र के राष्ट्रपति कौन थे?

उत्तर:- नीलम संजीव रेड्डी भारत के सबसे अधिक उम्र के राष्ट्रपति बने थे।

(7). द्रौपदी मुर्मू भारत के राष्ट्रपति कब बनी?

उत्तर:- द्रौपदी मुर्मू का राष्ट्रपति पद पर 25 जुलाई 2022 को कार्यकाल शुरू हुआ जब उन्होंने भारत के 15 में राष्ट्रपति के रूप में शपथ ग्रहण की जिसे भारत के मुख्य न्यायाधीश एनवी रमना ने प्रकाशित किया।

(8). भारत के राष्ट्रपति की नियुक्ति कौन करता है?

उत्तर:- राष्ट्रपति का चुनाव एक निर्वाचक मंडल के द्वारा किया जाता है इस निर्वाचन मंडल में संसद के दोनों सदनों के निर्वाचित सदस्य एवं राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों से निर्वाचित सदस्य भी शामिल होते हैं।

(9). भारत का 14 नंबर के राष्ट्रपति कौन हैं?

उत्तर:- रामनाथ कोविंद ने 25 जुलाई 2017 को भारत के 14 में राष्ट्रपति के रूप में शपथ ग्रहण किए थे अपने 5 साल के कार्यकाल में उन्होंने संसद को पांच बार संबोधित किए थे।

(10). अनुच्छेद 52 क्या है?

उत्तर:- अनुच्छेद 52 के अनुसार भारत का राष्ट्रपति मूलतः राष्ट्र का प्रमुख या नेता होता है। राष्ट्रपति को भारत का प्रथम नागरिक कहा जाता है। इसके अतिरिक्त भारत के राष्ट्रपति को राष्ट्र के भीतर अखंडता, एकजुटता एवं एकता का प्रतीक भी माना जाता है।

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अंत तक पढ़ने के लिए धन्यवाद।💐💐

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