Samanta ka adhikar|समानता का अधिकार (अनुच्छेद 14-18) परिभाषा और महत्व

Right to equality ( Samanta ka adhikar):-समानता का अधिकार, भारतीय संविधान के भाग-3 में अनुच्छेद 14 से 18 तक में वर्णित है। ये अनुच्छेद कानून के समक्ष सभी के साथ समान व्यवहार का प्रावधान करता है।

 जैसे:-

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✓भारतीय संविधान में वर्णित ये प्रावधान विभिन्न आधारों पर भेदभाव को रोकता है।

✓सार्वजनिक रोजगार के मामलों में सभी को समान मानता है।

✓अस्पृश्यता और उपाधियों (जैसे सर, राय बहादुर, आदि) को समाप्त करता है।

समानता के अधिकार के बारे में जानकारी प्राप्त करने से पहले, हमें यह जानना चाहिए कि को समानता कितने प्रकार के होते हैं? इसका उल्लेख हमारी प्रस्तावना में भी किया गया है।

समानता के प्रकार निम्नलिखित हैं:-

( 1)प्राकृतिक

(2)सामाजिक

(3)नागरिक

(4)राजनीतिक

(5)आर्थिक

(6)कानूनी

समानता का अधिकार( Right to equality) भारतीय संविधान में निहित मौलिक अधिकारों में से एक है। यह समझना हमारे लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है कि इस अधिकार में क्या शामिल है।

नीचे समानता के अधिकार के तहत संविधान के संबंधित अनुच्छेदों के बारे में विस्तृत वर्णन किया गया हैं:-

अनुच्छेद 14:-

 इस अनुच्छेद के अनुसार ,राज्य धर्म, मूल वंश, जाति, लिंग या जन्म स्थान के आधार पर किसी भी व्यक्ति को भारत के क्षेत्र के भीतर कानून के समक्ष समानता या कानूनों के समान संरक्षण से इनकार नहीं करेगा। अर्थात ,यह अनुच्छेद सभी को कानून के समक्ष समान मानता है, और सभी को कानून के समान संरक्षण प्रदान करने की बात करता है।

✓अनुच्छेद 15:-

 इस अनुच्छेद में प्रावधान किया गया है, कि राज्य किसी भी नागरिक के खिलाफ केवल धर्म, मूल वंश, जाति, लिंग, जन्म स्थान या इनमें से किसी के भी आधार पर भेदभाव नहीं करेगा। सभी को समान दृष्टि से देखने का प्रावधान किया गया है।

✓अनुच्छेद 16:-

यह अनुच्छेद राज्य के अधीन किसी भी कार्यालय में रोजगार या नियुक्ति से संबंधित मामलों में सभी नागरिकों के लिए समान अवसर प्रदान करने का प्रावधान करता है।

अनुच्छेद 17:-

 यह अनुच्छेद अस्पृश्यता का उन्मूलन करने का प्रावधान करता है। इस अनुच्छेद के अनुसार अस्पृश्यता का उल्लंघन करना कानूनी अपराध माना गया है। इस अनुच्छेद का उल्लंघन होने पर पीड़ित व्यक्ति सीधे सुप्रीम कोर्ट में अपील कर सकता है।

✓अनुच्छेद 18:-

इस अनुच्छेद के द्वारा सैन्य और शैक्षणिक को छोड़कर सभी उपाधियों का उन्मूलन करने का प्रावधान किया गया है।

Samanta ka adhikar

कानून के समक्ष समानता (अनुच्छेद 14)

भारतीय संविधान के भाग 3 में वर्णित अनुच्छेद 14  कानून की नजर में सभी लोगों के साथ एक जैसा व्यवहार करने का प्रावधान करता है। इस अनुच्छेद को दो भागों में वर्णित किया गया है: –

पहला :- राज्य को आदेश देता है कि वह किसी भी व्यक्ति को ‘कानून के समक्ष समानता‘ से वंचित न करेगा।

दूसरा:– इसका एक अन्य भाग राज्य को ‘कानूनों के समान संरक्षण’ से इनकार नहीं करने का भी आदेश देता है।

✓इस अनुच्छेद में कहा गया है कि कानून के समक्ष सभी नागरिकों के साथ समान रूप से व्यवहार किया जाएगा और किसी भी प्रकार के भेदभाव करने से बचा जाएगा। 

✓ हमारे देश का कानून सभी की समान रूप से रक्षा करता है।

✓समान परिस्थितियों में कानून लोगों के साथ समान  व्यवहार करेगा।

भेदभाव का निषेध (अनुच्छेद 15)

इस अनुच्छेद के द्वारा किसी भी प्रकार के भेदभाव करने पर रोक लगाया गया है।यह अनुच्छेद नागरिकों को धर्म, नस्ल, जाति, लिंग या जन्म स्थान या इनके आधार पर राज्य द्वारा हर प्रकार के भेदभाव से सुरक्षित रखने का प्रावधान करता है।

✓ भारत का कोई भी नागरिक, केवल वंश, धर्म, जाति, जन्म स्थान, लिंग या इनमें से किसी के आधार पर, किसी भी दायित्व, विकलांगता, प्रतिबंध या शर्त के अधीन नहीं होगा:-

• सार्वजनिक स्थानों तक पहुंच

• तालाबों, कुओं, घाटों , सार्वजनिक स्थानों आदि का उपयोग जिनका रखरखाव राज्य द्वारा किया जाता है या जो आम जनता के लिए हैं

✓ इस बात पर ध्यान देने योग्य यह है कि इस अनुच्छेद के बावजूद महिलाओं, बच्चों और पिछड़े वर्गों के लिए विशेष प्रावधान किये जा सकते हैं। ऐसा करना अनुच्छेद 14 का उल्लंघन नहीं माना जाएगा।

सार्वजनिक रोजगार के मामलों में अवसर की समानता (अनुच्छेद 16)

✓ भाग 3 का अनुच्छेद 16 सभी नागरिकों के लिए राज्य सेवा में रोजगार के समान अवसर प्रदान करने का प्रावधान करता है।

✓ इसके अनुसार किसी भी नागरिक के साथ सार्वजनिक रोजगार या नियुक्ति के मामलों में नस्ल, धर्म, जाति, लिंग, जन्म स्थान, वंश या निवास के आधार पर किसी भी प्रकार का भेदभाव नहीं किया जाएगा।

✓ पिछड़े वर्गों के उम्मीदवारों के लिए विशेष प्रावधान प्रदान करने हेतु इसका अपवाद बनाया जा सकता है। 

अस्पृश्यता का उन्मूलन (अनुच्छेद 17)

✓अनुच्छेद 17 अस्पृश्यता की प्रथा पर रोक लगाने का प्रावधान करता है।

✓सभी रूपों में अस्पृश्यता  को समाप्त करने का प्रावधान किया गया है।

✓अस्पृश्यता से उत्पन्न होने वाली किसी भी विकलांगता को कानूनी अपराध बना दिया गया है 

उपाधियों का उन्मूलन (अनुच्छेद 18)

✓अनुच्छेद 18 सभी प्रकार की उपाधियों का अंत करता है।

✓राज्य शैक्षणिक या सैन्य उपाधियों को छोड़कर किसी भी प्रकार का उपाधि प्रदान नहीं करेगा। 

✓इस अनुच्छेद के प्रावधान के अनुसार भारत के नागरिकों को किसी विदेशी राज्य से भी कोई उपाधि स्वीकार करने से रोका गया है।

✓यह अनुच्छेद ब्रिटिश साम्राज्य द्वारा दी जाने वाली उपाधियों जैसे कि राय बहादुर, खान बहादुर आदि को समाप्त करता है।

✓ इस अनुच्छेद में बताया गया है कि पद्म श्री, पद्म भूषण, पद्म विभूषण, भारत रत्न जैसे पुरस्कार और अशोक चक्र, परमवीर चक्र जैसे सैन्य सम्मान इस श्रेणी के अंतर्गत नहीं आते हैं।

समानता के अधिकार से संबंधित प्रश्न

Q(1).क्या समानता एक बुनियादी मानव अधिकार है?

उत्तर:- समानता और गैर-भेदभाव का अधिकार को  अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार कानून का एक मूलभूत घटक माना जाता है।

Q(2).सार्वजनिक रोजगार के मामलों में अवसर की समानता के अधिकार के क्या अपवाद हैं?

उत्तर:- भारतीय संविधान के भाग 3 में वर्णित अनुच्छेद 16 के तहत, महिलाओं, बच्चों, पिछड़े वर्गों (एससी/एसटी) और अल्पसंख्यकों जैसे समाज के कमजोर वर्गों के हितों की रक्षा करने के लिए सार्वजनिक रोजगार के मामलों में अवसर की समानता के अधिकार के अपवाद प्रदान किए गए हैं।

संसद इस आशय का एक कानून भी पारित कर सकती है कि एक निश्चित पद केवल एक निश्चित क्षेत्र में रहने वाले लोगों के द्वारा ही भरा जा सकता है, ताकि पद की शर्तों को पूरा करने के लिए इलाके और स्थानीय भाषा का ज्ञान होना आवश्यक हो।

इस अनुच्छेद के तहत यह भी उल्लेख किया गया है कि एक ऐसा कानून कि व्यवस्था किया जा सकता है, जो यह प्रावधान करता हो है कि किसी भी धार्मिक या सांप्रदायिक संस्था के मामलों के संबंध में एक पद का पदाधिकारी एक विशेष धर्म को मानने वाला या किसी विशेष संप्रदाय से संबंधित व्यक्ति ही होगा।

Q(3).भारत का संविधान समानता के बारे में क्या कहता है?

उत्तर:- भारतीय संविधान ने सभी नागरिकों को समानता का अधिकार प्रदान किया है। इस संविधान के अनुसार कानून के समक्ष सभी समान हैं, और धर्म, नस्ल, जाति, लिंग, जन्म स्थान आदि के आधार पर किसी भी प्रकार का कोई भेदभाव नहीं किया जा सकता है।

उम्मीद है कि यह पोस्ट आपको अच्छी लगी होगी ऐसे ही और जानकारियां हासिल करने के लिए इस वेबसाइट के साथ हमेशा बने रहें।

अंत तक पढ़ने के लिए धन्यवाद। 💐💐

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