Sanvidhan sabha ke prarup samiti ke adhyaksh kaun the |संविधान सभा के प्रारूप समिति के अध्यक्ष कौन थे

6 दिसंबर 1946 को संविधान सभा का गठन किया गया था। इसके तहत संविधान निर्माण के लिए समिति बनाई गई, जिसे ड्राफ्ट कमेटी (प्रारूप समिति) भी कहा जाता है।भारतीय Sanvidhan sabha ke prarup samiti ke adhyaksh डॉक्टर भीमराव अंबेडकर थे।

प्रारूप समिति संविधान सभा द्वारा बनाई गई एक महत्वपूर्ण समिति थी। इस समिति का एकल कार्य था, भारत के संविधान का कुशलता पूर्वक निर्माण करना। इसका गठन 29 अगस्त 1947 को की गई थी। प्रारूप समिति के द्वारा संविधान का प्रारूप तैयार करने हेतु अध्यक्ष सहित 7 सदस्यों का समूह बनाया गया था।

इस समिति के निम्नलिखित सदस्य थे:-

(1).डॉ भीमराव अंबेडकर ( अध्यक्ष)

(2).अल्लादी कृष्णास्वामी अय्यर

(3).कन्हैया लाल मानिक लाल मुंशी

(4).मोहम्मद सादुल्ला

(5).एन गोपालस्वामी अय्यंगर

(6).बी एल मित्र

(7).डीपी खोतान

मसौदा समिति

20 अगस्त 1947 को मसौदा समिति की स्थापना की गई थी। इस समिति का गठन विशेष रूप से संविधान का मसौदा तैयार करने के लिए किया गया था। इसकी जिम्मेदारी भीमराव अंबेडकर को सौंपी गई थी।

प्रारूप समिति के अन्य सदस्य बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर को भारतीय संविधान का अंतिम मसौदा तैयार करने में मदद करते थे।

29 अगस्त 1947 को भीमराव अंबेडकर की अध्यक्षता में प्रारूप समिति का गठन किया गया था। इसे आमतौर पर भारत के लिए संविधान का अंतिम मसौदा प्रस्तुत करने हेतु तैयार किया गया था।

संविधान के मसौदे पर विचार विमर्श करते समय संविधान सभा के द्वारा कुल 7,635 में से 2,443 संशोधनों पर चर्चा की गई थी । इनका निपटारा किया गया और उन्हें पेश किया गया था।

अंततः,संविधान सभा द्वारा संविधान तैयार करने में लगभग 2 वर्ष 11 महीने 18 दिन लगे थे।

संविधान सभा के प्रमुख समितियां एवं उनके अध्यक्षों की सूची

 प्रमुख समितियां एवं उनके अध्यक्ष का नाम 

✓नियम समिति:- डॉ राजेंद्र प्रसाद

✓संघ शक्ति समिति:- पंडित जवाहरलाल नेहरू

✓संघ संविधान समिति:-पंडित जवाहरलाल नेहरू

✓प्रांतीय संविधान समिति:- सरदार वल्लभभाई पटेल

✓संचालन समिति:- डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद

✓प्रारूप समिति:- डॉक्टर भीमराव अंबेडकर

✓झंडा समिति:- जे.बी. कृपलानी

✓राज्य समिति:-पंडित जवाहरलाल नेहरू

✓परामर्श समिति:- सरदार वल्लभभाई पटेल

✓सर्वोच्च न्यायालय समिति:-एस. वारदाचारियार

✓ मूल अधिकार उप समिति:-जे.बी. कृपलानी

✓अल्संपख्यक उप समिति:- एच.सी. मुखर्जी

✓संविधान समिक्षा आयोग:-एम एन बैक्टाचेलेया

भारतीय संविधान सभा की प्रमुख समितियां एवं महत्वपूर्ण तथ्यों के बारे में

✓संविधान सभा का गठन भारतीय संविधान की रचना करने हेतु किया गया था। ग्रेट ब्रिटेन से स्वतंत्र होने के पश्चात संविधान सभा के सदस्य ही भारत के प्रथम संसद सदस्य बने।

✓कैबिनेट मिशन की संस्कृतियों के आधार पर ही भारतीय संविधान का निर्माण करने वाले संविधान सभा का गठन किया गया था। इस सभा का गठन जुलाई 1946 ईस्वी में किया गया था।

✓भारतीय संविधान सभा के सदस्यों की कुल संख्या 389 निश्चित की गई थी। इन सदस्यों में से 292 ब्रिटिश प्रांतो के प्रतिनिधि चीफ कमिश्नर क्षेत्रों के प्रतिनिधि एवं 93 देसी रियासतों के प्रतिनिधि थे।

✓कैबिनेट मिशन योजना के अनुसार जुलाई 1946 ईस्वी में संविधान सभा का चुनाव किया गया। कुल 389 सदस्यों में से प्रांतों के लिए 296 सदस्य निर्धारित किए गए थे। इसमें से कांग्रेस को 208, मुस्लिम लीग को 73 एवं 15 अन्य दलों के लिए तथा स्वतंत्र उम्मीदवार निर्वाचित हुए थे।

✓9 दिसंबर 1946 को संविधान सभा की प्रथम बैठक हुई थी। यह बैठक नई दिल्ली स्थित काउंसिल चेंबर के पुस्तकालय भवन में संपन्न हुई थी।इस सभा के सबसे बुजुर्ग सदस्य डॉक्टर सच्चिदानंद सिंह थे। इन्हीं को संविधान सभा का अस्थाई अध्यक्ष नियुक्त किया गया था।

✓इस संविधान सभा के बैठक का मुस्लिम लीग के द्वारा बहिष्कार किया गया था। पाकिस्तान के लिए बिल्कुल अलग संविधान सभा के मांग की जा रही थी।

✓इस समय हैदराबादी एक ऐसी रियासत थी, जिसके प्रतिनिधि संविधान सभा में सम्मिलित नहीं हुए थे।

✓प्रांतो या देसी रियासतों को जनसंख्या के आधार पर संविधान सभा में प्रतिनिधित्व दिया गया था। साधारणतः 10 लाख की आबादी पर एक सीट का आवंटन किया गया था।

✓प्रांतो का प्रतिनिधित्व का निर्धारण मुख्यतः तीन समुदायों की जनसंख्या के आधार पर विभाजित किया गया था। यह समुदाय मुस्लिम, सिख एवं साधारण थे।

✓संविधान सभा में ब्रिटिश प्रांतो के 296 प्रतिनिधियों का विभाजन सांप्रदायिक आधार पर हुआ था।

जैसे:- सामान्य 213, मुसलमान 79 तथा सिख 4

✓इस सभा में अनुसूचित जनजाति के सदस्यों की संख्या कुल 33 थी।

✓इस संविधान सभा में महिला सदस्यों की संख्या 15 थी। इन महिलाओं में अम्मू स्वामीनाथन, एनी  मास्किरिन ,बागेम एजाज रसूल, जी दुर्गाबाई, दक्षयानी वेलायुदधन, हंसा मेहता, कमला चौधरी, लीला रे, मालती चौधरी, पूर्णिमा बनर्जी, राजकुमारी अमृत कौर, रेणुका रे, सरोजिनी नायडू, सुचेता कृपलानी और विजयलक्ष्मी पंडित आदि शामिल थी।

✓दिसंबर 1946 को संविधान सभा के स्थाई अध्यक्ष के रूप में डॉ राजेंद्र प्रसाद को निर्वाचित किया गया था।

✓भारतीय संविधान सभा की कार्यवाही 13 दिसंबर 1946 ई को जवाहरलाल नेहरू द्वारा पेश किए गए उद्देश्य प्रस्ताव के साथ शुरू हुई थी।

✓22 जनवरी 1947 ई को उद्देश्य प्रस्ताव की स्वीकृत होने के पश्चात संविधान सभा ने संविधान निर्माण करने हेतु अनेक समितियां का गठन की। इन समितियों में प्रमुख थी, वार्ता समिति, संघ संविधान समिति, प्रांतीय संविधान समिति, प्रारूप समिति एवं संघ शक्ति समिति आदि।

✓13 जून 1947 ई की योजना के अनुसार देश के बंटवारा होने के पश्चात भारतीय संविधान सभा की कुल सदस्यों की संख्या 324 निर्धारित की गई।इन सदस्यों में से 235 सदस्य प्रति के लिए तथा 89 सदस्य देसी राज्यों के लिए निर्धारित किए गए थे।

✓भारत विभाजन के पश्चात संविधान सभा का पुनर्गठन 31 अक्टूबर 1947 को किया गया और 31 दिसंबर 1947 को संविधान सभा के सदस्यों की कुल संख्या 299 थी। इन सदस्यों में से प्रांतीय सदस्यों की संख्या एवं देसी रियासतों के सदस्यों की संख्या 70 थी।

✓प्रारूप समिति के द्वारा संविधान के प्रारूप पर विचार विमर्श किए जाने के पश्चात 21 फरवरी 1948 ई को संविधान सभा को अपनी रिपोर्ट पेश की गई।

✓संविधान सभा में संविधान का प्रथम वाचन 4 नवंबर से 9 नवंबर 1948 तक चला था। संविधान पर दूसरा वचन 15 नवंबर 1948 ई को प्रारंभ हुआ और 17 अक्टूबर 1949 ई तक चला।

संविधान सभा में संविधान का तीसरा वाचन 14 नवंबर 1949 को प्रारंभ हुआ और 26 नवंबर 1949 ई तक चला। इसके पश्चात संविधान सभा द्वारा संविधान को पारित कर दिया गया। इस समय संविधान सभा के कुल 284 सदस्य सभा में उपस्थित थे।

✓संविधान निर्माण की प्रक्रिया कुल 2 वर्ष 11 महीने 18 दिनों तक चला। संविधान निर्माण कार्य पर कुल 63 लाख 96 हजार 729 का खर्च आया था।

✓संविधान के प्रारूप पर कुल 114 दिन बहस चली थी।

✓संविधान के कुछ अनुच्छेदों में से 15 अर्थात 5, 6, 7, 8, 9, 7, 324, 366, 367, 372, 380, 388, 391, 392, 393 अनुच्छेदों को 26 नवंबर 1949 ई को ही लागू कर दिया गया था। जबकि शेष अनुच्छेदों को 26 जनवरी 1950 को संपूर्ण भारत पर लागू कर दिया गया था।

✓संविधान सभा की अंतिम बैठक 24 जनवरी 1950 को हुई थी, और उसी दिन संविधान सभा के द्वारा डॉ राजेंद्र प्रसाद को भारत के प्रथम राष्ट्रपति के रूप में भी चुना गया था।

✓कैबिनेट मिशन के सदस्य सर स्टेफोर्ड क्रिप्स लॉर्ड पैंथिक लॉरेंस तथा ए. वी .एलेक्जैंडर थे।

Sanvidhan sabha ke prarup samiti ke adhyaksh adhyaksh
भीमराव अंबेडकर से संबंधित प्रश्न उत्तर

(1). क्या भीमराव अंबेडकर ने संविधान लिखा था?

उत्तर:-विधानसभा द्वारा प्रारूप समिति का गठन किया गया था।इस समिति के अध्यक्ष भीमराव अंबेडकर और इस समिति के अन्य 6 सदस्य थे इस समिति के द्वारा ही 395 प्रावधानों वाले संविधान के मसौदे तैयार किए गए थे।

(2). भीमराव अंबेडकर के गुरु का क्या नाम था?

उत्तर:-भीमराव अंबेडकर के बचपन के अध्यापक का नाम केशव अंबेडकर था। जब बाबा साहेब के पिताजी स्कूल में दाखिला कराया था ,तो उनका नाम भीमराव आंबेदकर लिखवाया था, लेकिन केशव अंबेडकर ने उनका नाम बदलकर भीमराव अंबेडकर कर दिया था।

(3).अंबेडकर इतना प्रसिद्ध क्यों है?

उत्तर:- भीमराव अंबेडकर को लोकप्रिय रूप से बाबासाहेब अंबेडकर के नाम से जाना जाता था और हर कोई जानता है कि वह भारतीय संविधान के निर्माता में से एक थे। वह एक बहुत प्रसिद्ध राजनीतिक नेता, प्रख्यात न्याय विद, बौद्ध कार्यकर्ता, मानव वैज्ञानिक, दार्शनिक, वक्ता, लेखक, इतिहासकार, अर्थशास्त्रीय, विद्वान और संपादक भी थे।

(4). भारतीय संविधान किसने लिखा है?

उत्तर:-भारतीय संविधान के लेखक बाबा भीमराव अंबेडकर जो की प्रारूप समिति के अध्यक्ष थे सुरेंद्रनाथ बनर्जी जो संविधान सभा के मुख्य प्रारूप कर और बी एन राव लिखे थे।

(5). अंबेडकर ने पढ़ाई कैसे की थी?

उत्तर:-बड़ौदा के महाराजा गायकवाड की वित्तीय मदद प्राप्त कर बाबा अंबेडकर ने मुंबई के एलफिंस्टन हाई स्कूल और एलफिंस्टन कॉलेज में पढ़ाई की थी। वर्ष 1913 में वह गायकवाड से 3 साल के छात्रवृत्ति पर कोलंबिया विश्वविद्यालय न्यूयॉर्क में अध्ययन करने गए थे। उन्होंने अर्थशास्त्र में पीएचडी की उपाधि प्राप्त की और फिर वहां से इंग्लैंड चले गए।

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अंत तक पढ़ने के लिए धन्यवाद। 💐💐

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