Write a note on Global warming|ग्लोबल वार्मिंग पर निबंध-कारण और समाधान

दोस्तों, आपको ग्लोबल वार्मिंग शब्द अक्सर सुनने को मिलते होंगे। पर शायद इसके अर्थ के बारे में स्पष्ट रूप से जानकारी नहीं होगी। यदि आप इसके बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं, तो आप यह पोस्ट Write a note on Global warming अंत तक अवश्य पढ़े।

Global Warming पर 500+ शब्द 

दोस्तों, ग्लोबल वार्मिंग शब्द से इस समय हर कोई थोड़ा बहुत तो परिचित है ही ,परंतु इसके बारे में पूरी जानकारी स्पष्ट रूप से प्राप्त न होने के कारण इससे होने वाले भयंकर परिणाम के बारे में भी मालूम नहीं है।

ग्लोबल वार्मिंग पृथ्वी के वातावरण के समग्र तापमान में क्रमिक रूप से वृद्धि को संदर्भित करता है। इस समय हमारे वातावरण में ऐसी विभिन्न प्रकार के गतिविधियां हो रही है, जिससे धीरे-धीरे तापमान बढ़ती जा रही है। ग्लोबल वार्मिंग हमारे ग्लेशियरों को तेजी से पिघला रहा है।

दोस्तों, यह धरती के साथ-साथ इंसानों के लिए भी बेहद हानिकारक है। ग्लोबल वार्मिंग को नियंत्रित कर पाना काफी चुनौती पूर्ण कार्य है।

हालांकि यह असहनीय नहीं है। आप यह जानते हैं कि किसी भी समस्या को हल करने का पहला कदम समस्या के कारण की पहचान करना होता है। इसलिए हमें ग्लोबल वार्मिंग के कारण को समझने पर बल देना चाहिए। ग्लोबल वार्मिंग के कारणों को समझ कर ही हम इस समस्या समाधान कर पाएंगे।

तो आइए दोस्तों इस पोस्ट में हम आगे जानते हैं कि ग्लोबल वार्मिंग का कारण क्या है? और इसके क्या समाधान हो सकते हैं?

Global warming का कारण 

दोस्तों, वर्तमान समय में ग्लोबल वार्मिंग एक गंभीर समस्या बनी हुई है, जिस पर अविभाजित ध्यान देने की आवश्यकता है। यह समस्या किसी एक कारण से नहीं बल्कि कई कारणों के संयोग से हो रहा है।

इन कारणों में प्राकृतिक और मानव निर्मित दोनों ही शामिल है। प्राकृतिक कारणों की बात की जाए तो इसमें ग्रीन हाउस गैसों की रिहाई शामिल है ,जो पृथ्वी से भागने में सक्षम नहीं है ।इससे तापमान में वृद्धि होती है।

ग्रीनहाउस गैस के अतिरिक्त ज्वालामुखी विस्फोट भी ग्लोबल वार्मिंग के लिए प्रमुख रूप से जिम्मेदार है। यह कहना है कि इन विस्फोटों से कार्बन डाइऑक्साइड के टन निकलते हैं, जो ग्लोबल वार्मिंग में अहम योगदान निभाते हैं। इसी तरह मेथेन भी ग्लोबल वार्मिंग के लिए एक बड़ा जिम्मेदार कारक है।

इसके अतिरिक्त बात की जाए तो ऑटोमोबाइल और जीवाश्म ईंधन के अत्यधिक प्रयोग से भी कार्बन डाइऑक्साइड का स्तर बढ़ता है। खनन, पशुपालन जैसी गतिविधियां भी पर्यावरण के लिए बहुत ही हानिकारक साबित हो रही हैं। इन सब में से एक आम मुद्दा तेजी से वनों की कटाई होना है।

वनों की कटाई हो जाने से कार्बन डाइऑक्साइड के अवशोषण का सबसे बड़ा स्रोत ही गायब होते जा रहा है। इस कारण से गैस को विनियमित करने के लिए कुछ भी नहीं बच रहा।

इस प्रकार ग्लोबल वार्मिंग खतरनाक परिणाम दे रहा है। ग्लोबल वार्मिंग को रोकने और धरती को पुनः पहले की तरह बेहतर बनाने के लिए हमें इस पर जल्द से जल्द कदम उठाने की जरूरत है।

Global warming ka समाधान

दोस्तों, ऊपर की पंक्ति में बताया गया है कि ग्लोबल वार्मिंग का समाधान चुनौती पूर्ण है। लेकिन यह पूरी तरह से असंभव भी नहीं है। जब एक साथ मिलकर इसके समाधान के प्रयास की जाए तो अवश्य ही ग्लोबल वार्मिंग को नियंत्रित किया जा सकता है।

इसके लिए हम आम नागरिकों और सरकारों, दोनों को एक साथ मिलकर इस पर कदम उठाने की जरूरत है। हम सभी को ग्रीन हाउस गैस की कमी से इसके समाधान हेतु कार्य करना चाहिए।

हम सब जितना ही ग्रीनहाउस गैस का उत्सर्जन कम करेंगे, उतना ही जल्द ग्लोबल वार्मिंग को नियंत्रित कर पाएंगे।

इसके अतिरिक्त गैसोलीन की खपत पर भी नजर रखने की आवश्यकता है। एक हाइब्रिड कार पर स्विच करना चाहिए ,और हमें कम से कम कार्बन-डाइऑक्साइड की उत्सर्जन करने पर बल देना चाहिए।

इसके लिए नागरिक सार्वजनिक परिवहन या कारपूल को एक साथ चुन सकते हैं। इसके पश्चात रीसाइक्लिंग को भी हमें प्रोत्साहित करने पर बोल देना चाहिए।

Greenhouse gas का प्रभाव और कम करने का उपाय 

Write a note on Global warming

ग्रीनहाउस गैस के प्रभाव को एक उदाहरण के माध्यम से समझ सकते हैं।

✓जैसे की जब आप कुछ खरीदारी करने जाते हैं, तो अपने साथ एक कपड़े की थैली ले जाएं।

✓इसके लिए एक और कदम उठा सकते हैं, जैसे की बिजली के उपयोग को सीमित करना चाहिए ।इससे कार्बन डाइऑक्साइड के उत्सर्जन में कमी आएगा।

✓सरकार द्वारा औद्योगिक कचरे को नियंत्रित करने एवं हवा में हानिकारक गैसों को बाहर निकलने पर रोक लगाने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।

✓वनों की कटाई को जल्द से जल्द रोकना चाहिए तथा तथा पेड़ों के रोपण को प्रोत्साहित करना चाहिए।

दोस्तों, संक्षेप में कह सकते हैं, कि हम सभी को इस तथ्य का एहसास होना ही चाहिए कि हमारी पृथ्वी ठीक हाल में नहीं है। इसका हमें जल्द से जल्द इलाज करने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।

यदि ज्यादा देर हो गई तो फिर इसे ठीक कर पाना और ग्लोबल वार्मिंग को नियंत्रित कर पाना असंभव हो जाएगा। ग्लोबल वार्मिंग को नियंत्रित न करने का मतलब है, धीरे-धीरे ऐसा समय आएगा जब सब कुछ विनाश के कगार पर पहुंच जाएगा।

हमें अपने वर्तमान पीढ़ी को ध्यान में रखते हुए भविष्य की पीढ़ियों कि आवश्यकताओं पर भी ध्यान केंद्रित करना चाहिए। वर्तमान पीढ़ी को भविष्य में आने वाली पीढ़ियों की पीड़ा को रोकने के लिए ग्लोबल वार्मिंग को नियंत्रित करने के लिए जिम्मेदारी उठानी चाहिए।

इसलिए मिलकर इस पर कार्य करने की आवश्यकता है। तभी इस भयंकर रुपी ग्लोबल वार्मिंग की समस्या का समाधान हो पाएगा और अपनी धरती को पुनः बेहतर स्वास्थ्य प्रदान कर पाएंगे। ताकि आने वाली पीढ़ियां सुरक्षित महसूस कर सके।

पोस्ट से संबंधित प्रश्न- उत्तर

(1). ग्लोबल वार्मिंग को कैसे रोका जा सकता है?

उत्तर:- ग्लोबल वार्मिंग को रोकने के लिए जनता और सरकार दोनों को मिलकर संयुक्त प्रयास करना होगा। वनों की कटाई को रोक कर पेड़ लगाने पर बल देना चाहिए। ऑटोमोबाइल का उपयोग सीमित करना चाहिए और रीसाइक्लिंग को बढ़ावा देना चाहिए।

(2). ग्लोबल वार्मिंग के कारणों की सूची बनाइए।

उत्तर:- दोस्तों, ग्लोबल वार्मिंग के कारणों में प्राकृतिक और मानव दोनों ही सम्मिलित हैं। प्राकृतिक कारणों  की बात की जाए तो ग्रीनहाउस गैस, ज्वालामुखी विस्फोट, मीथेन गैस और भी बहुत कुछ शामिल है। यदि मानव निर्मित की बात करें तो वनों की कटाई, खनन, मवेशी पालन, जीवाश्म ईंधन जलाना और भी बहुत कुछ है।

दोस्तों, उम्मीद है कि यह पोस्ट आपको अच्छी लगी होगी। ऐसी और जानकारी हासिल करने के लिए इस वेबसाइट के साथ हमेशा बने रहे हैं। टेलीग्राम जॉइन आइकन पर क्लिक करें। इससे आप नई जानकारी से अपडेटेड रहेंगे।

अंत तक पढ़ने के लिए धन्यवाद।💐💐

Read it:-

• Bharat ke Rashtrapati kaun hai | भारत के राष्ट्रपति कौन है: द्रौपदी मूर्मू
Right to Education/ RTE / शिक्षा का अधिकार: आरटीई के तहत बच्चों को देना है निःशुल्क यूनिफॉर्म, किताबें और कॉपियां

Discover more from teckhappylife.com

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading